Tuesday, August 20, 2019 01:19 PM

सभी जिलों में चलेगा जल शक्ति अभियान

शिमला - मुख्य सचिव बीके अग्रवाल ने राज्य सरकार के सभी विभागों से जल संरक्षण के लिए वर्षा जल संग्रहण, गांवों में तालाबों एवं टैंकों के रखरखाव की दिशा में कार्य करने पर बल दिया है। उन्होंने कहा कि इसके लिए सभी जिलों में जल शक्ति अभियान आरंभ करने की आवश्यकता है, ताकि सही मायनों में जल संरक्षण के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सके। मुख्य सचिव बुधवार को शिमला में जल स्रोत प्रबंधन के लिए योजना विभाग द्वारा आयोजित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों की एक बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में जल संरक्षण से संबंधित जल स्त्रोतों व भू-जल के नवीनीकरण, सहभागी सिंचाई पद्धति डिमांड साइड प्रबंधन, जलापूर्ति व स्वच्छता, वर्षा जल संग्रहण आदि विषयों पर गहन चर्चा की गई। उन्होंने वर्षा जल संरक्षण की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि राज्य स्तर पर जल के महत्त्व को समझते हुए सभी विभागों को जल के प्रयोग में अधिक दक्षता लाने के लिए प्रयास करने होंगे। उन्होंने जल संरक्षण के लिए पर्यावरण, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग द्वारा उपलब्ध करवाए जाने वाले वैज्ञानिक तथा अन्य जानकारी का प्रयोग करने का सुझाव दिया। बैठक में जल शक्ति अभियान के संयोजन और इसे चलाने के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय समिति के गठन, जिला स्तर पर कार्य योजना बनाने पर भी विस्तृत विचार-विमर्श किया गया तथा वर्षा जल संग्रहण के माध्यम से संग्रहित जल के प्रयोग के लिए वर्षा जल संग्रहण नीति में बदलाव करने पर भी चर्चा की गई। मुख्य सचिव ने आईपीएच विभाग के अधिकारियों को टीम की तरह कार्य करने के निर्देश दिए। बैठक में वाटर स्ट्रेस्ड जिलों सिरमौर, सोलन, ऊना और कांगड़ा के उपायुक्तों एवं अतिरिक्त उपायुक्तों ने भी वर्षा जल संरक्षण पर किए गए कार्यों से संबंधित प्रस्तुतियां दीं। उन्होंने अपने जिलों में आ रही विभिन्न जल संरक्षण सम्बन्धी समस्याओं का भी विवरण दिया। बैठक में सचिव सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य डा. आरएन बत्ता, सचिव प्रशासनिक सुधार डा. पूर्णिमा चौहान, निदेशक ऊर्जा मानसी सहाय ठाकुर, केंद्रीय जल आयोग एवं गैर-सरकारी संगठन साथी के प्रतिनिधि तथा विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।