Tuesday, May 21, 2019 02:40 PM

सरकारी नीति के तहत तैनात हाें आउटसोर्स कर्मी

कांगड़ा—प्रदेश के सरकारी स्वास्थ्य संस्थानांे मंे आउटसोर्स कर्मचारियांे की तैनाती को अपनाई जाने वाली ठेकेदारी प्रथा को बंद करने की मांग की है। इन कर्मचारियांे की तैनाती सरकारी नीति के तहत किए जाने की भी मांग डा. राजंेद्र प्रसाद मेडिकल कालेज एवं अस्पताल टांडा के अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ ने उठाई है। सोमवार को महासंघ की बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें पदाधिकारियांे ने सर्वप्रथम पुलवामा मंे शहीद सीआरपीएफ के जवानांे को श्रद्धांजलि अर्पित की।   अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष एसएस राणा, महासचिव विशाल शर्मा तथा वरिष्ठ उपाध्यक्ष निर्मल पनवर ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा विभिन्न पदांे पर कर्मचारियांे की तैनाती आउटसोर्स के आधार पर कर रही है। इन कर्मचारियांे को निजी ठेकेदार द्वारा रखा जा रहा है। ऐसे में युवाआंे के साथ इन कंपनियांे द्वारा शोषण भी किया जाता है। लाखांे रुपए खर्च कर युवाआंे द्वारा अध्ययन किया जाता है, लेकिन इस तरह से ठेकेदार के अधीन इन युवाआंे को रखना उचित नहीं है। उन्हांेने प्रदेश सरकार से मांग की है कि सरकार स्वास्थ्य संस्थानांे मंे कर्मचारियांे की तैनाती सरकारी नीति के तहत की जाए।