Saturday, September 21, 2019 05:16 PM

सराहां में रोहड़ू जाणा मेरी आमिए

राज्य स्तरीय श्रीवामन द्वादशी मेले की पहली सांस्कृतिक संध्या में ममता भारद्वाज के तरानों पर नाचे दर्शक

सराहां -तीन दिवसीय राज्य स्तरीय श्रीवामन द्वादशी मेले की पहली सांस्कृतिक संध्या ममता भारद्वाज के नाम रही। ममता भारद्वाज के अतिरिक्त कोई भी कलाकार दर्शकों को पंडाल में बैठने को मजबूर नहीं कर सका। आलम यह रहा कि दर्शक कलाकारों का पहला अंतरा सुनते ही पंडाल से उठकर बाहर चले जा रहे थे और जब कोई दूसरा कलाकार आता था, तो कुछ समय के लिए बाहर से ही उसका गाना सुनकर थोड़ी देर रुकते और फिर चले जाते। राज्य स्तरीय श्रीवामन द्वादशी मेले की पहली सांस्कृतिक संध्या वैसे तो सिरमौरी कलाकारों के लिए रखी गई थी। मगर पहली सांस्कृतिक संध्या में जो सिरमौरी कलाकार बुलाए गए थे, वे ऐसे लग रहे थे वह दर्शकों का मनोरंजन कराने में फ्लॉप ही रहे। हालांकि करीब नौ बजे स्टार नाइट में कलाकार ममता भारद्वाज मंच पर आई और उन्होंने आधे घंटे की परफार्मेंस में दर्शकों का खूब मनोरंजन किया। 9ः30 बजे दूसरे स्टार कलाकार डाक्टर मदन झालटा मंच पर आए लेकिन वह दर्शकों को बिठाने में विफल ही साबित हुए।  हालांकि उन्होंने गाना शुरू किया और कुछ ही देर में पंडाल खाली होना शुरू हो गया। लोग उठ कर घरों की ओर चलने शुरू हो गए। दशकों ने बताया कि सराहां में आयोजित हो रहे इस श्रीवामन द्वादशी मेले में पहली बार ऐसा हुआ कि जब पहले ही सांस्कृतिक संध्या में एक कलाकार को छोड़कर कोई भी कलाकार दर्शकों को पंडाल में बैठने को मजबूर नहीं कर सका। स्टार कलाकार ममता भारद्वाज ने सांस्कृतिक संध्या में माही माही वे, आइए आपका इंतजार था, मेरे रशके कमर, तूने पहली नजर में, तेरा प्यार बचपनों रा, साहेबा री बीबीए, ईक आधिया मंगवा दे, यह इश्क का जादू है सर चढ़कर बोलेगा, डूंगे नालुए, पल-पल याद तेरी सतावे, जाना जाणा मेरी आमिए रोहडू जाना रे पर दर्शकों का मनोरंजन कराया। वहीं चूड़ेश्वर कलामंच के सांस्कृतिक दल के कलाकारों ने कुछ समय के लिए समां बांधा और अपना थोडो नृत्य पेश कर लोगों को नाचने का प्रयास किया।