Friday, August 07, 2020 11:53 PM

सरोत्री में नशा मुक्ति अभियान ठेंगे पर

नगरोटा बगवां - एक तरफ जहां 15 नवंबर को पूरे प्रदेश का सरकारी व प्रशासनिक अमला नशे के विरूद्ध एक माह तक चलने वाले अभियान की शुरुआत रैलिओं, नारों तथा योग सत्र से कर रहा था उसी समय नगरोटा बगवां विस क्षेत्र की पंचायत सरोत्री इसे मात्र ड्रामा करार देकर नशे को लेकर सरकार की नीति को कोस रही थी । इसी दिन पंचायत का विशेष सत्र बुलाकर जनप्रतिनिधियों ने नशे के खिलाफ अपनी प्रतिवद्धता तो दोहराई, लेकिन सरकारी मंशा पर सवाल उठाते हुए इस दिशा में जागरूकता अभियानों,  रैलियों और नारों को निरर्थक बताया । पंचायत का कहना है कि भारी दवाब के बावजूद उन्होंने अपनी पंचायत को नशा मुक्त बनाने के लिए कई प्रयास किए, जिसमें स्थानीय क्षेत्र से शराब के ठेके को हटाना भी एक था । लेकिन हैरानी इस बात की भी है कि इसके बावजूद पंचायत क्षेत्र में नशे का कारोबार फल फूल रहा है , जिस पर प्रशासन का कोई अंकुश नहीं । उनका कहना हर छोटे से गांव तक नशा माफिया अपने पैर पसार चुका है जबकि प्रशासन आंखें मूंद कर सब अनदेखा कर रहा है । उन्होंने कहा कि सरकार ने एन एच पर ठेकों की अनुमति को पुनः बहाल कर नशा विरोधी मुहीम को चोट पहुंचाई है जबकि इसकी बिक्री के लाइसेंस भी बदस्तूर जारी हैं, जिन्हें तुरंत रद्द किया जाए। उनका कहना है कि सरकार अभियानों के जरिए लोगों का समय और धन बर्बाद करने के बजाय पुरे प्रदेश में नशीले पदार्थों और शराब पर पूर्ण प्रतिबंध लगाए । इस दौरान पंचायत प्रधान उमा कांत की अध्यक्षता में  पारित प्रस्ताव में पंचायत ने यह साफ कर दिया है कि यदि सरकार शराबबंदी पर गंभीरता नहीं दिखाती है  और यह मानती है कि नारों से समस्या का समाधान हो जाएगा, तो उनकी पंचायत ऐसे कार्यक्रमों में कोई भी भूमिका निभाने में अपनी असमर्थता व्यक्त करती है तथा ऐसे आयोजनों का बहिष्कार करती रहेगी।