Sunday, November 17, 2019 04:08 PM

सलाखों में करवाचौथ… महिला कैदी बनी मिसाल

ऊना -ऊना जिला में तीन महिला कैदियों ने सलाखों के पीछे रहते हुए भी अपने पति की लंबी उम्र की कामना को करवाचौथ का व्रत धारण किया। जेल की चारदीवारी के बीच तीनों महिला कैदियों ने अपने पतिव्रता धर्म की पालना करते हुए पूरे विधि-विधान से पति धर्म निभाया और चांद का दीदार करने के बाद ही अन्न ग्रहण किया। परिस्थितियां चाहे जैसी भी रही हों लेकिन इन महिलाओं ने यह साबित कर दिया कि वे अपने सुहाग की ढाल बनने से कभी पीछे नही हटतीं। वहीं, महिलाओं की आस्था को देखते हुए जेल प्रशासन ने भी तीनों महिला कैदियों को हर सुविधा प्रदान की गई। पूरा दिन जेल प्रशासन ने सभी महिला कैदियों को जेल परिसर में ही बने खुले मैदान मे बैठने-उठने की छूट दी। वहीं, जिन महिलाओं ने अपने पति से बात करनी थी उनकी फोन के माध्यम से पति की बात भी करवाई। वहीं, दूसरी तरफ पुरुष कैदियों की पत्नियों व परिजनों से भी उनकी बात करवाई गई। शाम को चांद का दीदार करने के बाद तीनों महिलाओं ने पूजा-अर्चना करके अपना व्रत खोला। ऊना की सबजेल वनगढ़ में मौजूदा समय में सात महिला कैदी हैं, जिनमें से तीन महिलाओं ने करवाचौथ का व्रत किया। इनमें एक महिला कैदी एनडीपीएस एक्ट के चलते सजा काट रही है। जबकि अन्य दो महिलाओं पर मर्डर के केस दर्ज हैं। सबजेल ऊना के डिप्टी सुपरिंटेंडेंट देवेश शर्मा बताया कि मौजूदा समय में जेल में कुल सात महिला कैदी हैं। इनमें से तीन महिलाओं ने करवाचौथ का व्रत किया। करवाचौथ के पर्व पर सभी महिला व पुरुष कैदियों के लिए जेल प्रशासन की तरफ से सुरक्षा व्यवस्था के बीच भारतीय परंपरा के अनुसार विशेष प्रबंध किए गए थे।