Monday, August 10, 2020 11:18 AM

सवाल अपने-अपने

-पूजा चोपड़ा, पुराना मटौर

तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में गैंगरेप के जो चार युवकों को सजा सुनाई  है, शायद यह सजा दिल्ली में हुए निर्भया कांड, गुडि़या कांड के समय होती तो हैदराबाद में गैंगरेप होता ही नहीं, पर कहते हैं न ‘देर आए दुरस्त आए’। कुछ लोग पुलिस को शाबाशी दे रहे हैं। इस एनकाउंटर के लिए पुलिस की तारीफ कर रहे हैं। कुछ लोग इस एनकाउंटर पर सवाल भी उठा रहे हैं। क्या एनकाउंटर के समय उनके हाथ में हथकड़ी थी? अगर नहीं, तो क्यों? क्यों लोग यह सवाल खड़े कर रहे हैं? क्या वे चाहते हैं कि ऐसे हादसे दोहराए जाएं।