Monday, June 01, 2020 02:10 AM

सहज भाव को अभिव्यक्त करती रचनाएं

किताब मिली-1

मैं उन्हें देखता हूं

हमीरपुर से संबद्ध हिमाचल के प्रसिद्ध लेखक विक्रम गथानिया का कविता संग्रह ‘मैं उन्हें देखता हूं’ साहित्यिक बाजार में है। इस कविता संग्रह में 79 कविताएं 109 पृष्ठों में समेटी गई हैं। कविताएं छोटी-छोटी हैं जो भावों की अभिव्यक्ति में सफल कही जा सकती हैं। कविताओं के विषय में विक्रम गथानिया विविधता लिए हुए हैं। सरल भाषा में लिखी गई कविताएं पाठकों को अवश्य पसंद आएंगी, ऐसा कहा जा सकता है। सरल मुहावरे में लिखी ये कविताएं अपने शिल्प में अद्वितीय हैं। जीवन के कड़वे-मीठे आस्वाद में ये जीवन की कविताएं हैं।

मैं उन्हें देखता हूं - विक्रम गथानिया - संकल्प पब्लिकेशन - 230 रुपए

2 एटीएम के अंदर औरत

हमीरपुर से संबद्ध हिमाचल के प्रसिद्ध लेखक विक्रम गथानिया का एक और काव्य संग्रह ‘एटीएम के अंदर औरत’ साहित्यिक बाजार में आ चुका है। इस संग्रह में 67 कविताएं 115 पृष्ठों में समेटी गई हैं। अधिकतर कविताओं का आकार छोटा है जिससे पाठक को ऊब पैदा नहीं होती है। महिलाएं किस उधेड़-बुन में रहती हैं, यह ‘एटीएम के अंदर औरत’ नामक कविता में बखूबी प्रदर्शित होता है। भावों की अभिव्यक्ति में कवि सफल हुए हैं। कविताओं की भाषा सरल है जो हर किसी को समझ में आ जाती है। आशा है यह संग्रह भी पाठकों को पसंद आएगा।

एटीएम के अंदर औरत - विक्रम गथानिया - रश्मि प्रकाशन - 175 रुपए

3 परख

हमीरपुर से संबद्ध हिमाचल के प्रसिद्ध लेखक विक्रम गथानिया का उपन्यास ‘परख’ साहित्य के बाजार में आ चुका है। 14 अध्यायों पर आधारित यह उपन्यास 82 पृष्ठों में समेटा गया है। इसमें एक अध्यापक की कहानी गुंथी गई है। एक अध्यापक को किन-किन समस्याओं से दो-चार होना पड़ता है, इस विषय में उपन्यासकार ने लेखनी चलाई है। हिमाचल के ग्रामीण परिवेश के इर्द-गिर्द घूमती कहानी में प्रेम प्रसंग उपन्यास को ट्विस्ट देता है। सरल भाषा में लिखा गया यह उपन्यास पाठकों को अंत तक बांधे रखता है। उपन्यास अवश्य ही पाठकों को पसंद आएगा, ऐसा विश्वास है।

परख - विक्रम गथानिया - संकल्प पब्लिकेशन - 195