Monday, April 06, 2020 06:37 PM

सांगना में तेंदुए ने 10 मवेशियों को बनाया शिकार

पीडि़त ने विभाग से लगाई मुआवजे की गुहार, कई दिनों से क्षेत्र में मचा रखा है आतंक

नौहराधार - जिला सिरमौर के दुर्गम क्षेत्र गांव सांगना में तेंदुए ने 10 बकरियों को तेंदुए ने अपना निवाला बनाया। जानकारी के अनुसार सांगना निवासी बलवीर सिंह ने बताया कि मेरे पास ओवरे में 10 बकरियां बंधी थी जिन्हें तेंदुए ने अपना शिकार बना डाला। हर रोज की तरह बलवीर सिंह ने अपने मवेशियों को ओवरे में बंद कर अपने घर चले गए। इन दोनों का घर ओवरे से करीब 500 मीटर दूर है। जिस कारण से रात की हलचल को वह सुन नहीं सके। शुक्रवार रात छत को तोड़ते हुए तेंदुआ सीधा ओवरे में घुसा व बकरों को अपना शिकार बनाया। जब सुबह अपने मवेशियों को चारा डालने ओवरे पहुंचे तो अपनी बकरियों को मृत देखकर बलवीर की आंखें फटी की फटी रह गई । इनमें से सात बकरियां ओवरें में मृत पड़ी थी जबकि तीन बकरियों को तेंदुआ अपने साथ घसीट कर जंगल की और ले गया । बलवीर सिंह काफी निर्धन है पशुपालन करके ही आत्माराम अपने परिवार का पालन पोषण करता है इन बकरियों इन्होंने बड़े शोक से पाला था । मगर इनके बकरियों को तेंदुए ने अपना शिकार बना डाला, जिससे बलवीर सिंह को काफी नुकसान हुआ है । बता दें इससे पहले भी साथ लगते गांव भराडी में भेड़-बकरियों को तेंदुए ने अपना निवाला बनाया था। अभी आठ जनवरी को सेंज निवासी आत्माराम की 13 बकरियों को तेंदुए ने अपना निवाला बनाया था इसी तरह वर्ष 2019 जुलाई माह में गोपिंद्र नौहराधार निवासी की पांच बकरियों को अपना निवाला बनाया था। पंचायत प्रधान सांगना सताहन देवेंद्र जिला भाजपा मीडिया प्रभारी प्रताप रावत, प्रदीप सिंह, हीरा सिंह ठाकुर, मनसा राम, दलीप सिंह, महिला मंडल प्रधान जानकी देवी आदि ग्रामीणों ने बताया कि वन विभाग को अवगत करा दिया है इन्होंने संयुक्त बयान में कहा कि काफी दिनों से क्षेत्र में तेंदुए का आतंक है। इन लोगों का कहना है कि अब तो लोगों का घर से बाहर निकलना दुश्वार हो गया है । लोगों के अंदर अब दहशत का माहौल पैदा हो गया है। खेत जंगल से घास चारा लाने के लिए डर लगने लगा है । उन्होंने प्रशासन से गुहार लगाई है कि जल्दी ही वन विभाग इस खूंखार आतंकी तेंदुए को पकड़ने के लिए यहां पिंजरा स्थापित किया जाए ताकि इस आतंकी तेंदुए लोगों को छुटकारा मिल सके। पीडि़त बलवीर सिंह ने सरकार व विभाग से मांग की है कि मेरे हुए नुकसान का शीघ्र ही मुआवजा दिया जाए। फार्मासिस्ट तुलसीराम ने बताया कि हम लोग मौके पर गए थे। वन विभाग व उच्चाधिकारियों रिपोर्ट को भेजी जाएगी ताकि पीडि़त को उचित मुआवजा  मिल सके।