Tuesday, June 02, 2020 11:29 AM

सार्वजनिक हो फंड का लेखा-जोखा

बाली बोले, मुख्यमंत्री राहत कोष में लानी होगी पारदर्शिता

कांगड़ा - मुख्यमंत्री राहत कोष का सही इस्तेमाल हो रहा है या नहीं, इसके लिए पारदर्शिता लानी होगी। इसके लिए वेबसाइट बनाई जाए और यह सुनिश्चित हो कि फंड का इस्तेमाल सही मायने में आम आदमी के लिए हो। इसका तमाम लेखा-जोखा सार्वजनिक किया जाए। ये शब्द पूर्व मंत्री जीएस बाली ने कहे श्री बाली ने कहा कि यह गंभीर है कि प्रदेश के एक बड़े अधिकारी को विजिलेंस ने पूछताछ के लिए गिरफ्तार किया है। श्री बाली ने कहा प्रदेश में कोरोना पॉजिटिव लोगों की तादाद बढ़ी है। प्रदेश की सरहदों पर लोगों को क्वारंटाइन किया गया है, वहां माकूल सुविधाएं उपलब्ध नहीं करवाई गई हैं। इस मसले पर सरकार नाकाम सिद्ध हुई है। लोगों को ट्रांसपोर्ट सुविधा भी मुहैया नहीं हो पाई है। कुछ लोगों को तो टैक्सी के लिए पांच के बजाय 20 हजार रुपए तक देने पड़े हैं। लोग नौकरी छोड़ कर यहां आ रहे हैं। ये लोग कौन-कौन से काम छोड़कर आए हैं, उनका बाकायदा पंजीकरण हो, उनकी नौकरी की वैकल्पिक व्यवस्था की जाए, वरना दस  लाख बेरोजगारों का आंकड़ा अढ़ाई लाख और बढ़ जाएगा। पूर्व मंत्री ने कहा कि स्थानीय संस्थाओं के सहयोग के बिना कोई कार्य पूरा नहीं किया जा सकता, लिहाजा उनकी सेवाएं ली जाएं। लॉकडाउन कब और कैसे खुलेगा, इस पर भी सरकार को गंभीर होना पड़ेगा। उन्होंने कहा लॉकडाउन करना आसान है, लेकिन उसे खोलना किसी चुनौती से कम नहीं है। इसके लिए एग्रीकल्चर, हॉर्टिकल्चर, फ्लोरीकल्चर, ट्रांसपोर्ट, टूरिज्म इंडस्ट्री इत्यादि तमाम क्षेत्रों का विश्वास जीतना होगा और उन्हें सुविधाएं मुहैया करवानी होंगी।