Thursday, July 02, 2020 01:49 PM

साहनूं घर जान देयो महाराज

नगरोटा बगवां - किसी प्रवासी को रहने खाने-पीने व सोने की कोई तंगी न हो इसके लिए नगरोटा बगवां प्रशासन ने स्थानीय समाजसेवी संस्थाओं, युवा स्वयंसेवियों, सरकारी कर्मचारियों व अधिकारियों के सहयोग से विशेष इंतजाम किए हैं । अपने उपमंडल में विशेष शेल्टर होम बना कर प्रवासी मजदूरों और कामगारों को तमाम सुविधाओं के साथ सुरक्षित रखा गया है । यहां तक कि उनके खाने-पीने की तमाम व्यवस्था की गई है तथा शिक्षकों का एक दल समय-समय पर खाना पीना उनके विस्तरों तक पहुंचा रहा है । इसके बावजूद लोग अपने घरों को जाने की जिद्द पर अड़े हुए है । कहीं परिवार अकेला होने का बहाना तो कहीं फसल कटाई में उनकी जरूरत का हवाला देकर हर कोई यहां से खिसकने के चक्कर में गिड़गिड़ाते देखे जा सकते हैं । उधर, प्रशासन ने यह साफ कर दिया है कि घर जाने के अतिरिक्त उनकी हर मांग पूरी की जाएगी तथा हर सुविधा उपलब्ध करवाई जा सकती है, लेकिन उनकी रवानगी किसी भी कीमत पर संभव नहीं ।

जरूरी वस्तुओं की होम डिलीवरी शुरू

लोगों को जरूरी सामान की खरीददारी के लिए दी गई कर्फ्यू में तीन घंटे की ढ़ील के दौरान बाजारों में भीड़ न बढ़े इस दिशा में नगरोटा प्रशासन ने अब नगरोटा तथा टांडा क्षेत्र में दवाइयों,राशन, दूध, सब्जियों तथा फलों की होम डिलीवरी भी शुरू कर दी है । चिन्हित कारोबारी तथा उनकी टीम घर बैठे लोगों को जरूरी सामान उनकी आवश्यक्तानुसार उपलब्ध करवाएगी । प्रशासन ने ऐसे कारोबारियों के फोन नंबर सार्वजनिक किए हैं, जहां लोग अपना ऑर्डर बुक करवा सकते हैं । लेकिन याद रहे सामान की डिलीवरी प्रातः आठ से 11 बजे के बीच ही होगी ।

दानियों ने बढ़ाए जरूरतमंदों की मदद को हाथ

वैश्विक महामारी से उत्पन्न स्थिति में भी दिहाड़ीदारों का चूल्हा ठंडा न पड़े इसके लिए प्रशासनिक सहयोग के लिए आम लोगों ने भी अपनी मदद के हाथ बढ़ाए हैं । नगरोटा बगवां खंड कार्यलय में स्थापित कंट्रोल रूम में  जरूरतमंदों के लिए राशन भंडारण में हर रोज खाद्य वस्तुओं का इजाफा हो रहा है । बीते तीन दिनों में करीब एक हजार लोगों तक राशन पहुंचाया गया है, जिसमें अभी तक के आंकड़ों के मुताबिक 17 क्विंटल आटा,15 क्विंटल चावल, दो क्विंटल दाल तथा तीन सौ लीटर खाद्य तेल शामिल है ।

क्या शहर में हो जाएगी की राशन की किल्लत

संपूर्ण लॉकडाउन के चलते क्या आने वाले समय में खाद्य वस्तुओं की भी किल्लत हो जाएगी । यह प्रश्न अब खाद्य वस्तुओं की आपूर्ति में लगे कारोबारियों को भी सताने लगी है। ऐसा इसलिए भी है कि एक और प्रशासन ने जरूरी बस्तुओं की ढुलाई में लगे हर किस्म के वाहन को कहीं भी आने-जाने की छूट दे रखी है, परंतु विभागीय तालमेल न होने की वजह से पुलिस द्वारा कई वाहनों को वापस भेज दिया जा रहा है जिस कारण कारोबारियों तक सामान की आपूर्ति ही नहीं पहुंच पा रही ।

ओपीडी खुलते ही अस्पताल में मरीजों की भीड़

सोमवार को स्थानीय सिविल अस्पताल में ओपीडी खुलते ही मरीजों की कतारें लग गई । हालांकि इससे पहले ओपीडी अस्थायी तौर पर बंद कर दी गई थी तथा केवल आपात सेवाएं ही जारी थीं । लेकिन सोमवार को अस्पताल के सभी डाक्टरों ने ओपीडी में बैठकर अपनी सेवाएं दीं । इस दौरान मरीज भी एक-दूसरे से दूरी बना कर कतारबद्ध नजर आए।