Thursday, July 16, 2020 09:47 PM

साहब! अब परिवार चलाना हुआ मुश्किल

तेलका – कोरोना वायरस संक्रमण को रोकने के लिए जारी लॉकडाउन के बीच करीब अढ़ाई माह से परिवहन सेवाएं बंद होने के चलते बेरोजगारी की मार झेल रहे निजी बस चालकों व परिचालकों परिवार के लिए दो जून रोटी का जुगाड़ करना मुश्किल हो गया है। उन्होंने कहा कि गत दो माह से बसें न चल पाने से कमाई का जरिया पूरी तरह ठप होकर रह गया है। हालात यह है कि इस अवधि में बस मालिकों व सरकार की ओर से कोई सहायता न मिल पाने से मुश्किलें दोगुना होकर रह गई है। उन्होंने बताया कि अगर जल्द परिवहन सेवाएं आरंभ न हुई तो भूखमरी का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि सरकार बस मालिकों को टैक्स आदि में छूट देकर राहत प्रदान कर रही है, लेकिन निजी बस चालकों व परिचालकों के लिए कोई कदम नहीं उठाया है। निजी बस चालक मनोज कुमार का कहना है कि जो जमा पूंजी किसी विशेष कार्य के लिए जमा की थी अब वह भी खत्म हो चुकी है। अब स्थिति इतनी नाजुक हो गई है कि परिवार चलाना मुश्किल हो चुका है। निजी बस चालक मोनू का कहना है कि द्गदेश सरकार व जिला द्गशासन से गुहार लगाई है कि हमारी नाजुक स्थिति को देखते हुए जल्द ही स्टीक एक्शन लिया जाए। हमीद मोहम्मद का कहना है कि दो-अढ़ाई महीने गुजर चुके हैं। कमाई का कोई भी साधन नहीं बन रहा है। ऐसे में दिन रात चिंता में डूबने के अलावा और कोई रास्ता नहीं बचा है। विम का कहना है कि गांव में भी दिहाड़ी लगाने के लिए तैयार हूं, लेकिन कहीं भी काम नहीं मिल रहा है। अब हालत ऐसे हो गए हैं कि मानो दुखों का पहाड़ टूट कर गिर पड़ा हो।

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