Monday, October 21, 2019 08:31 AM

साहसिक और ऐतिहासिक कदम

- जोगिंद्र ठाकुर, भल्याणी, कुल्लू

जम्मू-कश्मीर राज्य के पुनर्गठन का फैसला ऐतिहासिक है। हमेशा से ही राजनीतिक दलों ने तुष्टिकरण की नीति को कश्मीर नीति के रूप में अपनाया था। नतीजा यह हुआ कि वहां पाकिस्तान का दखल बढ़ा और अलगाववाद को हवा मिली। क्षेत्रीय भेदभाव व विषमताएं जम्मू-कश्मीर के विकास में बाधक बन गई थीं। गिने-चुने राजनीतिक परिवारों को इसके मालिक होने का भ्रम तक हो गया था। उम्मीद कर सकते हैं कि अब आतंकवाद का खात्मा होगा और जम्मू-कश्मीर देश की तरक्की में महत्त्वपूर्ण भूमिका में होगा।