Monday, July 22, 2019 12:50 AM

साहित्य में रुचि कम… सोशल मीडिया बना युवाअाें की पहली पसंद

ऊना—वर्तमान में साहित्य का अपना ही महत्त्व है। साहित्य पढ़ने से व्यक्ति के ज्ञान में भी वृद्धि होती है। लेकिन आज के युवाओं की साहित्य पढ़ने में कम ही रुचि दिखाई दे रही है। युवा ज्यादातर नौकरी पाने के लिए प्रतियोगी पुस्तकें पढ़ने में ही दिलचस्पी दिखा रहे हैं। वहीं, सोशल मीडिया की ओर से ज्यादार रुख कर रहे हैं। हालांकि सोशल मीडिया के लाभ भी हैं वहीं कुछ नुकसान भी हैं, लेकिन सोशल मीडिया का प्रयोग भी व्यक्ति पर ही निर्भर करता है। ‘दिव्य हिमाचल’ की टीम ने साहित्य पढ़ने के साथ ही सोशल मीडिया के प्रयोग को लेकर युवाओं की राय जानी तो उन्होंने कुछ इस तरह अपने विचार प्रस्तुत किए।

लोगों को साहित्य पढ़ना चाहिए

ऊना के मुकेश कुमार का कहना है कि वह साहित्य पढ़ने में रुचि रखते हैं। उन्होंने कहा कि वह साहित्य पढ़ते हैं, लेकिन प्रतियोगिता परीक्षाओं के लिए जिनका लाभ मिले वह वही साहित्य पढ़ते हैं। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया के लाभ भी हैं वहीं नुकसान भी। उन्होंने कहा कि लोगों को साहित्य पढ़ना चाहिए।

साहित्य पढ़ने में रुचि नहीं है

ऊना के ललित शर्मा का कहना है कि वह साहित्य पढ़ने में रुचि नहीं रखते हैं। उन्होंने कहा कि साहित्य के अलावा वह अन्य प्रतियोगी पुस्तकें पढ़ने में रुचि रखते हैं। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया का लाभ उन्होंने उठाया है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया को साकारात्क तौर पर प्रयोग करना चाहिए।

सोशल मीडिया का करें सकारात्मक प्रयोग

ऊना के इंद्रजीत का कहना है कि साहित्य पढ़ने में उनकी कोई भी रुचि नहीं है। उन्होंने कहा कि साहित्य पढ़ने के बजाये व अन्य पुस्तकें पढ़ने में रुचि रखते हैं। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया का वह साकारात्मक प्रयोग करते हैं। अन्य लोगों को भी सोशल मीडिया का साकारात्मक प्रयोग करना चाहिए। 

सोशल मीडिया के नुकसान भी, फायदे भी

ऊना के दीपक का कहना है कि वह साहित्य नहीं पढ़ते हैं। वर्तमान में वह प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में जुटे हुए हैं। इसके चलते वह प्रतियोगी परीक्षाओं की पुस्तकें की पढ़ रहे हैं। उन्होंने सोशल मीडिया के बारे में कहा कि इसके नुकसान भी हैं और फायदे भी, लेकिन यह व्यक्ति पर निर्भर करता है।

सोशल मीडिया का प्रयोग करते हैं

ऊना के विक्रांत का कहना है कि वह प्रतियोगी पुस्तकें पढ़ने में रुचि रखते हैं। वह साहित्य नहीं पढ़ते हैं। उन्होंने कहा कि वह सोशल मीडिया का प्रयोग करते हैं, लेकिन साकारात्मक प्रयोग करते हैं। उन्होंने कहा कि अन्य लोगों को भी सोशल मीडिया का साकारात्मक प्रयोग करना चाहिए।