Wednesday, August 21, 2019 03:57 AM

सिउंड- रैला सड़क पर जोखिम भरा सफर

सैंज -परियोजना नगरी के नाम से जानी जाने वाली सैंज घाटी अब प्रदेश के साथ-साथ देशभर में प्रसिद्ध हो चुकी है । घाटी में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति का ध्यान यहां शुरू हुई विद्युत परियोजनाओं पर जाता है । बेशक घाटी में आधा दर्जन परियोजनाओं के होने से आज सैंजघाटी को नया नाम मिला हो, लेकिन इन्हीं परियोजनाओं के चलते अकसर सैंज घाटी सुर्खियों में रहती है। आए दिन जहां बरसात ने विद्युत उत्पादन में पांच गुना अधिक मुनाफा कंपनी को दिया है, वहीं इसी बरसात से स्थानीय बाशिंदे सहमे हुए हैं। या यूं कहें एनएचपीसी कंपनी के लिए वरदान बनी बरसात ग्रामीणों के लिए है मौत का सामान। भारी बरसात में एनएचपीसी कंपनी की बनाई सड़क बारूद के ढेर से कम नहीं। तीन हजार आबादी के लिए बनी सिउंड-कमटन-रैला सड़क में नालियों की उचित व्यवस्था न होने से आम जनता का आना-जाना ही खतरनाक हो चुका है। साथ ही सड़क के साथ लगते खेत खलियानों के साथ-साथ रिहायशी मकानों को भी खतरा बना हुआ है।  एशिया के महत्त्वपूर्ण प्रोजेक्ट पार्वती जल विद्युत परियोजना के दूसरे चरण को तैयार करने वाली नेशनल हाइड्रो इलेक्ट्रिक पावर कारपोरेशन (एनएचपीसी) द्वारा बनाई गई सिउंड-कमटन-रैला सड़क सुविधा के नाम पर लोगों को परेशानी बनी है । एनएचपीसी ने अपनी परियोजना के कार्य के लिए सिउंड से पावर हाउस शाफ्ट एडिट-4 और एडिट-5 क्षेत्रों के लिए सड़कों का जाल बिछाया, लेकिन आज ये सड़कें स्थानीय लोगों के लिए जी का जंजाल बनी हंै । सड़कों में निकाली निकास नालियां बंद हो गई हंै और कलवर्ट भी पूरी तरह से अवरुद्ध हो चुके हैं। वहीं जगह-जगह सड़क धंसने से सड़क का पानी खेतों और घरों में घुसने से  स्थिति भयावह बनी है, जबकि एनएचपीसी कंपनी आंखें मंूदे बैठी है। ग्रामीणों को डर सताने लगा है कि बरसात में कहीं फिर से उन्हें घर छोड़कर दूर न भागना पड़े। गौर हो कि वर्ष 2015 में भी रैला गांव के साथ लगती रैला सड़क में कलवर्ट बंद होने से पूरा नाला धल्यारू गांव में आ गया था, जिससे रातभर ग्रामीणों ने घर से दूर जाकर मंदिर में शरण ली थी। उधर ग्रामीणों टीकम राम, तेजा सिंह, आशु नेगी, नरोत्तम राम, प्रकाश सिंह, राम सिंह, केहर सिंह, प्रीतम सिंह, गुड्डू  इत्यादि ने बताया कि शारनधार में रोड पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुका है, जिस तरह से ये डंगे खुल रहे हैं, उससे घाट गांव के लिए खतरा पैदा हो गया है। ग्रामीणों ने कंपनी को समय रहते सड़क दुरुस्त करने की मांग की है।