Monday, September 16, 2019 07:35 PM

सिउंड-रैला सड़क पर भू-स्खलन से खतरा

सैंज -जिला कुल्लू में हो रही भारी बारिश से अनेक सड़कों पर भू-स्खलन हो रहा है। वहीं, सैंज घाटी में पार्वती जल विद्युत परियोजना निर्माण के दौरान बनाई गई सिउंड-कमटन रैला सड़क में आजकल जगह-जगह भू-स्खलन होने से स्थिति विकराल हो रही है। शारनधार नामक जगह पर सड़क काफी क्षतिग्रस्त हो गई है। निकासी नालियों की उचित व्यवस्था न होने से आम जनता का आना-जाना खतरनाक ही नहीं, बल्कि सड़क के साथ लगते खेत-खलियानों के साथ-साथ रिहायशी मकानों को भी खतरा बन गया है। इस सड़क के बंद होने से भाटकंडा शारन,  धल्यारा, कमटन आदि गांवों के किसानों की सेब की फसल और सब्जियां फंस गई हैं। एशिया का महत्त्वपूर्ण प्रोजेक्ट पार्वती जल विद्युत परियोजना के दूसरे चरण को तैयार करने वाली एनएचपीसी द्वारा बनाई गई सिउंड-कमटन रैला सड़क सुविधा के नाम पर लोगों को परेशानी बनी है। एनएचपीसी ने अपनी परियोजना के कार्य के लिए सिउंड से पावर हाउस, सर्र्जशाफ्ट, एडिट-4 और एडिट-5 क्षेत्रों के लिए सड़कों का जाल बिछाया है, लेकिन आज यह सड़कें स्थानीय लोगों के लिए जी का जंजाल बनी हैं। सड़कों में में निकाली निकास नालियां बंद हो गई हैं और कलवर्ट भी पूरी तरह से अवरुद्ध हो चुके हैं।  जगह-जगह सड़क धंसने से  सड़क का पानी खेतों और घरों में घुसने से  स्थिति भयावह बनी है। इस सड़क को बंद होकर एक सप्ताह से ज्यादा का समय हो चुका है, जबकि एनएचपीसी कंपनी कोई कदम नहीं उठा रही है। आम जनता की सुरक्षा को दरकिनार करते हुए बरसात शुरू होने से पहले कंपनी ने न तो नालियां साफ कीं और न ही धंसी सड़क की मरम्मत को जरूरी समझा। उधर, ग्रामीणों का आरोप है कि कंपनी ने इस क्षेत्र में सिर्फ स्वार्थ साधा है।  ग्रामीण मोती राम कटवाल, प्रेम पालसरा, केहर सिंह, टीकम राम, तेजा सिंह, आशु नेगी, नरोत्तम राम, प्रकाश सिंह, राम सिंह, प्रीतम सिंह व गूड्डू आदि ने बताया है  कि शारनधार में रोड पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुका है, जिस तरह से डंगे खुल रहे हंै, उससे घाटसेरी गांव के लिए खतरा पैदा हो गया है।  उधर,  रैला पंचायत के उपप्रधान बालमुकुंद ने बताया कि सिउंड कमटन रैला सड़क में शारनधार में सड़क पूरी तरह से बैठ गई है, जिससे  सड़क के आगे सेब के बागीचे व घाटसेरी गांव को खतरा पैदा हो गया है। इस सड़क में जगह-जगह गड्ढे पड़ हैं और नालियां बंद होने से सड़क से होकर बह रहे पानी से नुकसान का अंदेशा है।  एनएचपीसी कंपनी को सड़क की मरम्मत जल्द करनी चाहिए। उधर, एमआर भारद्वाज, एसडीएम बंजार ने कहा कि सियूड रैला सड़क की हालत को देखते हुए पार्वती जल विद्युत परियोजना के महा प्रबंधक को शीघ्र इस रोड का निरीक्षण करके रोड बहाली व सुरक्षा दीवार लगाने  के आदेश दिए हैं, जिससे लोगों की फंसी हुई फल-सब्जियों को निकाला जा सके और लोगों की मलकीत भूमि व घरों का भी भू-स्खलन  से नुकसान न हो।