Tuesday, November 19, 2019 04:15 AM

सिर्फ सात साल में पूरी की 13 साल की पढ़ाई

शिमला की भावना सोकटा का नाम एशिया बुक ऑफ रिकार्ड्स में दर्ज

शिमला - आज के दौर में बेटियां किसी से कम नहीं हैं, फिर चाहे वह शिक्षा का क्षेत्र हो या फिर अंतरिक्ष में जाना। आज बेटियों ने हर क्षेत्र में अपना परचम फहराया है। एक बार फिर कुछ ऐसा ही कारनामा कर दिखाया है हिमाचल की बेटी भावना सोकटा ने। शिमला की भावना सोकटा ने 27 वर्ष की आयु में एशिया बुक ऑफ रिकार्ड्स, प्रोफिशिएंट यंग वूमन में अपना नाम दर्ज करवाया है। उनके नाम 13 साल की पढ़ाई को मात्र सात साल में पूरा करने का रिकार्ड है। इस उपलब्धि के बाद मंगलवार को  भावना मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से मिलीं। मुख्यमंत्री ने उन्हें इस बेहतरीन व सराहनीय कार्य के लिए सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने भावना को हिमाचल का नाम रोशन करने के लिए शुभकामनाएं दीं। बता दें कि भावना ने साढ़े पांच साल का बीएचएमएस कोर्स के साथ तीन साल की बीए की। इसके बाद दो में साल की एमए, एमबीए एक साथ की। उन्होंने दावा किया है कि वह इंडिया और पांच अन्य देशों की पहली छात्रा हैं, जिसका नाम एशिया बुक ऑफ रिकाडर्स में दर्ज हुआ है। भावना शिमला कोटखाई के एक छोटे से गांव रईदंल की रहने वाली है, जो अपनी दादी, माता, पिता और भाई के साथ रहती हैं। भारत सरकार ने भावना का नाम पहले इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज किया था और हाल ही में इनका नाम एशिया बुक ऑफ रिकार्ड्स में दर्ज हो गया है। इसके लिए इन्हें मेडल और प्रशस्ति पत्र दिया गया है। उनकी पढ़ाई के प्रति रुचि और कम उम्र में बड़ी उपलब्धि के लिए वर्ल्ड रिकार्ड यूनिवर्सिटी की ओर से डाक्टरेट की डिग्री पूरा करने के लिए भी आमंत्रित किया गया है। होम्योपैथिक डा. भावना ने बीए साइकोलॉजी, एम क्लीनिक साइकोलॉजी और एमबीए किया है। अब भावना पीएचडी के लिए अमरीका जा रही हैं। भावना अपनी रुचि क्लीनिकल साइकोलॉजी की ओर बढ़ा रही हैं। इसलिए वह पीएचडी क्लीनिकल साइकोलॉजी में करने की योजना बना रही हैं। इसके अलावा उन्होंने ट्राइकोलॉजी की ट्रेनिंग भी की है। बहरहाल उन्होंने इस रिकार्ड के लिए अपने स्व. दादा परसराम और दादी सेनु देवी, पिता नारायण दास और माता निरंजना सोकटा को दिया है।