Sunday, November 17, 2019 04:39 PM

सीएम ने संभाली पच्छाद उपचुनाव की बागडोर

राजगढ़-पझौता में करेंगे चुनावी जनसभाएं, कांग्रेस की ओर से कुलदीप राठौर के साथ एक दर्जन विधायकों की फौज

नाहन -जिला सिरमौर की पच्छाद विधानसभा सीट के उपचुनाव की तिथि जैसे जैसे नजदीक आ रही है चुनावी पारा भी आसमान पर चढ़ना शुरू हो गया है। प्रदेश की सत्तारूढ़ भाजपा सरकार की ओर से पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल के अलावा आधा दर्जन कैबिनेट मंत्री व विभिन्न निगम व बोर्ड के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष जहां चुनावी प्रचार की बागडोर संभाल रहे हैं, वहीं भाजपा की ओर से प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर अब स्वयं पच्छाद विधानसभा के उपचुनाव में उतर रहे हैं। मंगलवार को जयराम ठाकुर का राजगढ़ का दौरा प्रस्तावित है। इस दौरान मुख्यमंत्री भाजपा प्रत्याशी रीना कश्यप के लिए जहां वोट मांगेंगे, वहीं भारतीय जनता पार्टी उपचुनाव में जीत के लिए सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य मंत्री व पच्छाद विधानसभा क्षेत्र के प्रभारी महेंद्र सिंह ठाकुर के अलावा शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज, कृषि मंत्री रामलाल मारकंडेय, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डा. राजीव सहजल के अलावा प्रदेश सरकार के मुख्य सचेतक नरेंद्र बरागटा के अलावा शिमला संसदीय क्षेत्र के सांसद सुरेश कश्यप, कृषि विपणन बोर्ड के चेयरमैन बलेदव भंडारी, भाजपा के प्रदेश महामंत्री चंद्रमोहन ठाकुर, खादी ग्र्रामोद्योग के चेयरमैन पुरुषोतम गुलेरिया के अलावा खाद्य एवं आपूर्ति निगम के उपाध्यक्ष बलदेव तोमर के साथ-साथ आधा दर्जन के करीब भाजपा के विधायक जहां पच्छाद के चप्पे-चप्पे पर मोर्चा जमा चुके हैंं। वहीं कांग्रेस के भी एक दर्जन से अधिक नेता कांग्रेस की बागडोर संभाल चुके हैं। कांगे्रस के प्रदेश अध्यक्ष कुलदीप राठौर स्वयं प्रचार की कमान संभाले हुए हैं। उनके साथ पूर्व मुख्य संसदीय सचिव विनय कुमार, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व शिलाई के विधायक हर्षवर्धन चौहान, विधायक नंद लाल, मोहन लाल बरागटा, हरीश जनारटा, विक्रमादित्य सिंह आदि नेता पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गंगूराम मुसाफिर के लिए जनसंपर्क अभियान संभाले हुए हैं। प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की 15 अक्तूबर को जहां राजगढ़ व पझौता में दो प्रस्तावित जनसभाएं रखी गई हैं, वहीं मुख्यमंत्री का दूसरा दौरा 18 अक्तूबर को निर्धारित है। इस दौरान जयराम ठाकुर सराहां व नारग में चुनावी जनसभाएं करेंगे। प्रदेश सरकार के लिए पच्छाद का उपचुनाव भाजपा की रूष्ट नेत्री दयाल प्यारी के चुनावी समर में उतरने के बाद एक चुनौती बना हुआ है। जानकारों की मानें तो यदि आजाद उम्मीदवार दयाल प्यारी को केवल सराहां क्षेत्र की 30 पंचायतों व राजगढ़ की कुछ पंचायतों का समर्थन मिलता है तो ऐसे में भाजपा व कांग्रेस के लिए मुश्किल खड़ी हो सकती है। पच्छाद उपचुनाव में हालत यह है कि इस बार मीडिया की सुर्खियां धर्मशाला की वजाय पच्छाद में अधिक बढ़ गई हैं तथा विधानसभा की सीट भाजपा व कांग्रेस के लिए साख का प्रश्न बन गई है। जहां भाजपा तीसरी बार भगवा फहराना चाहती है तो वहीं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गंगूराम मुसाफिर अपने 32 साल के राजनैतिक जीवन को पुनः हासिल करने के लिए ऐढ़ी चोटी का जोर लगा रहे हैं।  यही नहीं श्रीरेणुकाजी विधानसभा सीट से तत्त्कालीन कांग्रेस विधायक डा. प्रेम सिंह के निधन के बाद प्रदेश में प्रेम कुमार धूमल के नेतृत्व में भाजपा की सरकार थी तथा भारतीय जनता पार्टी के हृदय राम ने यह उपचुनाव जीता था। ऐसे में पच्छाद विधानसभा सीट पर भारतीय जनता पार्टी व कांग्रेस ऐढ़ी चोटी का जोर लगा रही है तो आजाद उम्मीदवार दयाल प्यारी भी पच्छाद की पगडंडियां अपने समर्थकों के साथ नापते हुए पसीना बहा रही है।