Monday, August 10, 2020 01:08 PM

सीर खड्ड में अवैध खनन जोरों पर

भोरंज - उपमंडल भोरंज के अंतर्गत पड़ने वाली सीर खड्ड में धड़ले से दिन-रात अवैध खनन हो रहा है। ट्रैक्टर चालक बेखौफ इन खड्डों में खनन कर चांदी कूट रहे हैं, जिसके कारण लगातार खड्डों का जल स्तर नीचे गिर रहा है। इससे कूहलों व घराट का अस्तित्व खत्म हो गया है। खनन माफिया ने खड्डों से रेत, बजरी व पत्थर निकालने से पिछले दो-तीन वर्षों से बरसात में खड्डों का बहाव उपजाऊ जमीन को बहा रहा है तथा रिहायशी इलाकों में पानी घुसने से करोड़ों का नुकसान हो रहा है, फिर भी ये खनन माफिया बेखौफ खनन को अंजाम दे रहे हैं। खड्डों के किनारे बसे गांव के लोग जब भी खनन का विरोध करते हैं, तो ये खनन माफिया के लोग आंखें दिखाते हैं व धमकाते हैं। सीर खड्ड मंडी व हमीरपुर की सीमा पर होने से आला अधिकारी भी दूसरे जिले का एरिया होने से पल्ला झाड़ लेते हैं। अवैध खनन करने वाले बेखौफ खनन को अंजाम देते हैं। यहां तक कि एक वर्ष पूर्व जाहू व भोरंज पुलिस, एसडीएम भोरंज ने दर्जनों ट्रैक्टर खनन करते हुए पकड़े, परंतु बाद में यह जुर्माना देकर छूट जाते हैं और फिर खनन को अंजाम देना शुरू कर देते हैं। पर्यावरण को नजरअंदाज करने का दुष्प्रभाव अब दिखना शुरू हो गया है। अधिकांश क्षेत्रों में कुएं, तालाब तथा प्राकृतिक झीलें सूख गई हैं और जल स्तर नीचे गिर जाने के कारण हैंडपंपों ने काम करना बंद कर दिया है। यदि सीर खड्ड का कंकरीट से तटीकरण हो जाता है, तो अवैध खनन पर भी अंकुश लग सकता है। क्षेत्रवासियों में राजेश शर्मा, बलबीर शर्मा, सुरेंद्र कुमार, दिनेश भाटिया, धर्म चंद, सूरज, पिंकू, चमन, राजेश, बिमला, कमलेश, चुनी लाल, पुनीत, महेश, दिनेश, कृष्णा, सुरेंद्र शर्मा, राजेंद्र सिंह, यशवंत, मनोहर लाल, अरुण, तिलक राज, टेक चंद इत्यादि ने बताया कि खनन माफिया पर अधिक से अधिक जुर्माना लगाया जाए।