Saturday, July 04, 2020 06:15 PM

सुंदरनगर का बंसल परिवार नवाजा

लॉकडाउन में फंसे कोलकाता के परिवार की मदद पर एसपी ने किया सम्मानित

डैहर-वैश्विक महामारी कोरोना कोविड-19 के महासंकट के मध्य लॉकडाउन के दौरान से सुंदरनगर में फंसे पश्चिम बंगाल के कोलकाता निवासी चार सदस्यों वाले परिवार को अपने घर पर निःशुल्क रहने व खान-पीने की पूर्णव्यवस्था करने वाले  सुंदरनगर के किरण व प्रकाश चंद बंसल, जो जिला बिलासपुर पुलिस में बतौर मुख्य आरक्षी सेवाएं दे रहे। प्रकाश बंसल को जिला बिलासपुर के मुखिया एसपी दिवाकर शर्मा द्वारा प्रशस्ति पत्र व 1100 रुपए भेंट करते सम्मानित किया गया है। गौरतलब रहे कि जिला बिलासपुर पुलिस में बतौर मुख्य आरक्षी व सुंदरनगर निवासी प्रकाश बंसल व उनकी धर्मपत्नी किरण बंसल द्वारा चार मई से लेकर अभी तक अपने घर पर पश्चिम बंगाल के कोलकाता निवासी परिवार के चार सदस्यों को अपने घर पर रहने हेतु निःशुल्क दो कमरे दिए गए हैं और उनके खाने पीने की भी पूरी व्यवस्था की गई है। कोलकाता का यह परिवार सुंदरनगर में कोरोना महामारी के दौरान 23 मार्च से लगाए गए देशव्यापी लॉकडाउन के बाद से पिछले दो महीनों से सुंदरनगर में फंसा हुआ है, जिन्हें इस महासंकट के समय में प्रकाश चंद बंसल, धर्मपत्नी किरण बंसल समेत पूरा बंसल परिवार किसी मसीहा से कम साबित नहीं हुआ है। इसी मानव सेवा के नेक सराहनीय व प्रेरणादायक कार्य करने हेतु जि़ला बिलासपुर पुलिस अधीक्षक दिवाकर शर्मा द्वारा जवान का हौसला अफजाई करते हुए प्रशस्ति पत्र व 1100 रुपए भेंट करते हुए मुख्य आरक्षी प्रकाश बंसल को सम्मानित किया गया है। दो महीनों से सुंदरनगर में लॉकडाउन की वजह से फंसे कोलकाता के परिवार को रोजाना 500 रुपए खर्च हो रहे थे और अब उन्हें खर्चा अधिक होने से आर्थिक संकट बढ़ता जा रहा था। ऐसी अवस्था में चार मई को सुंदरनगर के किरण व प्रकाश चंद बंसल इस परिवार को अपने घर ले आए और न केवल दो कमरे निःशुल्क रहने को दिए बल्कि अपना रसोई घर उन्हें खाना बनाने हेतु दे रखा है। अब चार मई से कोलकाता का चार सदस्यों वाला परिवार और सुंदरनगर का बंसल परिवार एक दूसरे के साथ एक परिवार की तरह रहते हैं व साथ खाना खाते हैं। सुंदरनगर निवासी  किरण बंसल व उनके पति प्रकाश चंद बंसल जो जिला बिलासपुर पुलिस में बतौर मुख्य आरक्षी के रूप में पिछले दो महीनों से ज्यादा डैहर के साथ लगते जि़ला बिलासपुर बरमाणा थाना की पोस्ट पर लगातर कोरोना वारियर के रूप में सेवाएं दे रहे हैं। इसके साथ-साथ पूरा बंसल परिवार मानवता की सेवा हेतु भी हमेशा आगे रहते है। जि़ला बिलासपुर पुलिस अधीक्षक द्वारा प्रशस्ति पत्र व 1100 रुपए भेंट करने के बाद खुशी प्रकट करते हुए समस्त बंसल परिवार ने कहा कि उनकी पहली पहचान है कि वे इनसान है और इनसानियत व मानवता की सेवा ही उनका परम धर्म व कर्त्तव्य है, जिसे वे जीवन की आखिरी सांस तक जारी रखेंगे।

निःशुल्क बांट चुके हैं पांच हजार से ज्यादा मास्क

प्रकाश बंसल ड्यूटी व ऑफ  ड्यूटी के दौरान भी कभी भी मानव सेवा से जुड़े कार्यो में हमेशा अपना योगदान देते रहते हैं। वैश्विक महामारी कोरोना के महासंकट में प्रकाश बंसल द्वारा स्वयं बाजार से कपड़ा खरीदकर तैयार करवाते हुए पांच हज़ार से ज्यादा मास्क निःशुल्क  जरूरतमंद लोगों में बांटे गए हैं और यह कार्य अभी भी जारी है। इसके साथ-साथ प्रकाश बंसल जरूरतमंद प्रवासी लोगों को अपनी ओर से राशन और घर जाने वालों को कुछ आर्थिक सहायता भी कर रहे हैं और बाहरी राज्यों में जाने वाले लोगों की मदद कर रहे हैं।