Friday, September 24, 2021 06:08 AM

सुंदर और अद्भुत पर्यटक स्‍थल सराहन

हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला और किन्नौर जिला की सीमा पर बसा सराहन स्वर्ग का एहसास कराने वाला एक सुंदर और अद्भुत पर्यटक स्थल है, जो सराहन घाटी के नाम से भी जाना जाता है। यह क्षेत्र कई वर्षों तक पर्यटन के लिहाज से अछूता रहा, मगर अब पिछले कुछ वर्षों से इस तरफ  पर्यटकों की भीड़ बढ़ने लगी है...सराहन के खूबसूरत किले और यहां की हरियाली देखते ही बनती है। सराहन घाटी पर्यटकों को बहुत लुभाती है। अब सरकार ने भी इसे पर्यटन के लिए लिहाज से उपयुक्त समझा है। यह शहर समुद्रतल से 7,589 फुट की ऊंचाई पर स्थित है। इतिहास में इसको बुशहर नाम से भी जाना जाता है। इसके अतिरिक्त 51 शक्तिपीठों में से एक भीमाकाली माता का मंदिर भी इसी शहर में है। हिंदू और बौद्ध वास्तुशिल्प से निर्मित यह मंदिर लगभग 2,000 वर्ष पुराना है, मगर इसका जीर्णोंद्धार कर इसको पुनः वही आकार दिया गया है। सराहन घाटी मंदिरों के लिए प्रसिद्ध है। सर्दियों के महीनों में छोड़कर,यहां का मौसम ठंडा ही  रहता है।  राजा के महल की तरफ  भीमाकाली मंदिर है, जो भारतीय और तिब्बती वास्तु शैली से सजाया गया है... सराहन से लगभग सात किलोमीटर की दूरी पर यदि घाटी से थोड़ा नीचे उतरेंगे तो वहां आपको सतलुज नदी का मनोहारी दृश्य दिखेगा।  सराहन के जंगलों में पक्षियों की मधुर आवाज मानों दिल को छू लेती है।  इसके अतिरिक्त सराहन से कुछ ही दूरी पर कामरू का ऐतिहासिक किला, चितकुल घाटी और बास्पा नदी जैसे अन्य पर्यटन स्थल भी हैं, जहां आप आसानी से आ-जा सकते हैं। शहर अत्यधिक बड़ा न होने के कारण यहां यातायात के साधनों की आवश्यकता कम ही होती है, इसलिए कुछ स्थानों पर पैदल भी घूमा जा सकता है। फिर भी यहां टैक्सी, बस आदि की सुविधा आसानी से मिल जाती है और महंगी भी नहीं है। पर्यटकों की सुविधा के लिए सरकार ने यहां आम से खास तक, सभी के बजट के अनुसार होटल और रेस्ट हाउस आदि का भी विशेष प्रबंध किया है। यहां आने के लिए सर्दियां उचित समय नहीं है, क्योंकि इस मौसम में यहां पर तापमान शून्य से भी नीचे ही रहता है। यहां आने के लिए मार्च से जून और सितंबर से अक्तूबर का समय बहुत ही अच्छा माना जाता है। दिन के समय यहां का तापमान लगभग 30 से 32 डिग्री सेल्सियस तक रहता है, मगर रात को ठंड बढ़ जाती है। यदि अपनी गाड़ी से जा रहे हैं, तो ध्यान दें कि शिमला से राष्ट्रीय राजमार्ग- 22 से होते हुए रास्ते में ठियोग, नारकंडा, रामपुर और ज्यूरी नामक कुछ छोटे-छोटे पर्यटन स्थल भी आते हैं जहां आपको पेट्रोल पंप की सुविधा मिलेगी। सराहन की हरियाली देखते ही लोग मस्त हो जाते हैं।