Wednesday, December 11, 2019 05:32 PM

सोलर प्रोजेक्ट के इंतजार में हिमाचली

योजना में 58 दावेदारों के हाथ खाली, ऊर्जा मंत्री न होने से फंसा मसला

शिमला - प्रदेश सरकार ने हिमाचली लोगों को सोलर पावर प्रोजेक्ट देने के लिए पहले आओ, पहले पाओ की योजना चलाई थी, जिसमें 50 लोगों को तो प्रोजेक्ट लगाने की अनुमति मिल गई, परंतु 58 दावेदार अभी भी खाली हाथ हैं। जब सरकार हर क्षेत्र में इन्वेस्टर लाने के लिए प्रयास कर रही है और सोलर के लिए भी उसे इन्वेस्टर चाहिए, तो अपनी इस योजना को सरकार भुला बैठी है, जो पूर्व ऊर्जा मंत्री अनिल शर्मा के समय में चली थी। 500 केवी क्षमता के प्रोजेक्ट सरकार ने हिमाचलियों को देने के लिए आवेदन मांगे थे। पहले आओ, पहले पाओ की तर्ज पर 50 लोगों को प्रोजेक्ट देने थे। इन आवेदनों के साथ सरकार ने पांच-पांच हजार रुपए की राशि भी ली। 150 लोगोंं ने आवेदन किए, जिनमें 108 लोगों के कागजात पूरे पाए गए। कुछेक में कमियां थीं, तो उनको भी दूर करवा दिया गया। 50 प्रोजेक्ट तो पहले आवेदकों को सरकार ने दे दिए हैं, लेकिन शेष जो क्वालिफाई कर चुके हैं, वह भी सरकार से सोलर प्रोजेक्ट चाहते हैं, क्योंकि आवेदकों को खुद अपनी जमीन पर यह प्रोजेक्ट लगाने हैं और वित्तीय इंतजाम भी इन लोगों को खुद करना है, तो इसमें सरकार को कोई परेशानी नही होनी चाहिए। बताया जाता है कि ऊर्जा मंत्री का पद खाली होने से अब महकमा मुख्यमंत्री के पास है और इन आवेदनों से जुड़ा मामला भी वह देख रहे हैं, परंतु अभी तक इस पर कोई निर्णय नहीं हुआ है। जब प्रोजेक्ट लगाने को हिमाचल के लोग तैयार हैं, तो सरकार उन्हें आबंटित कर सकती है, जिनकी औपचारिकताएं भी पूरी हो चुकी हैं। नए सिरे से कोई औपचारिकता भी पूरी नहीं करनी होगी। अधिकारियों की मानें, तो इस योजना का स्वरूप बदलना होगा, जिसके लिए मामला फिर से कैबिनेट को जाना चाहिए, क्योंकि कैबिनेट के फैसले के बाद ही यहां पर पहले 40 से 50 परियोजनाएं देने का फैसला लिया गया था। अब इसकी संख्या बढ़ाने के लिए सरकार को दोबारा से निर्णय लेना होगा।

मंजूरी मिलने से बढ़ेगा निवेश-रोजगार

आवेदक चाहते हैं कि सरकार 500 केवी या फिर 1 से 5 मेगावाट तक के लिए भी प्रोजेक्ट लगाने की मंजूरी उन्हें दे दे, जिससे प्रदेश में निवेश बढ़ेगा और यहां रोजगार भी बढ़ेगा। हिमाचली उत्पादक यहां के लोगों को रोजगार भी प्रदान कर सकते हैं।