सोशल मीडिया का सदुपयोग हो

उत्तम सूर्यवंशी

किहार, चंबा

लोकतंत्र का उत्सव जैसे-जैसे पास आ रहा है, वैसे-वैसे नेताओं से लेकर कार्यकर्ताओं तक माहौल गर्माया हुआ है। टीवी. चैनलों, फेसबुक, सोशल मीडिया पर बेहूदा भाषा का प्रयोग हो रहा है। गाली-गलौच की जा रही है और यह लोकतंत्र के लिए चिंतनीय विषय भी है। सोशल मीडिया पर की जा रही बातें या कोई भी अन्य सामग्री ज्यादातर गलत ढंग से पेश हो रही है व पेश की जाती है। आम जनता को सच्चाई से गुमराह किया जाता है और यह कोई अनपढ़ नहीं हैं, बहुत पढ़े-लिखे लोगों द्वारा सोशल साइट्स का प्रयोग किया जाता है। ऐसे में हम सबका कर्त्तव्य है कि हम अपने देशहित के लिए ऐसी जानकारियां परोसें, जिससे आमजन जागृत हो, सब मतदान करें, सही नेता का चुनाव हो, देश में एकता बनी रहे, लोकतंत्र मजबूत हो, न कि गाली-गलौच, जात-पात, मजहब के नाम पर जनता का ध्यान भटके। अब सोशल मीडिया में ऐसा प्रतीत होता है, जैसे मतदान यहीं हो रहे हों। भाईचारा और रिश्तेदारी खत्म हो रही है, दंगे भड़क रहे हैं, खून-खराबा भी हो रहा है। हमें अपनी भाषा पर भी संयम बरतने की आवश्यकता है। राजनीतिक पार्टी की सोच कैसी है, यह नेताओं की भाषा व व्यवहार पर निर्भर करता है। यह कहना गलत नहीं है कि सोशल मीडिया आज दुनियाभर के साथ-साथ भारत में भी लोगों की पसंद बनता जा रहा है। इसलिए इसका प्रयोग ऐसे ढंग से करें, जिससे हम सब सोशल मीडिया से एक-दूसरे के अच्छे विचारों, अनुभवों से लाभ ले सकें। इनसानियत कायम कर सकें, देश के हित के लिए लोगों को कुछ बेहतर करने के प्रति प्रेरित व जागरूक कर सकें।