Monday, April 06, 2020 06:37 PM

स्कूलों में फीस जमा करने की तिथि बढ़ाए सरकार

शिमला में छात्र अभिभावक मंच ने उठाई मांग, निजी स्कूल बना रहे दबाव

शिमला - छात्र अभिभावक मंच ने राज्य सरकार से कोविड-19 के चलते प्रदेशव्यापी लॉकडाउन व कर्फ्यू के मद्देनजर प्राइवेट स्कूलों द्वारा फीस जमा करने की तिथि बढाने की मांग उठाई है। राज्य में यह तिथि 30 मार्च की निर्धारित तारीख थी, जिससे स्थिति के सामान्यीकरण तक बढ़ाया जाए। मंच के संयोजक विजेंद्र मेहरा, सह संयोजक बिंदु जोशी व सदस्य फालमा चौहान ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार ने वैश्विक महामारी कोविड-19 के चलते हिमाचल प्रदेश में लॉकडाउन व कर्फ्यू घोषित कर रखा है, लेकिन प्राइवेट स्कूल किसी भी हालत में 30 मार्च से पहले फीस जमा करवाने के लिए अभिभावकों पर दबाव बना रहे हैं। यह मानवता और राष्ट्र हित के खिलाफ है। कोरोना जैसी महामारी के कारण आपातकालीन सेवाओं के अलावा सभी सेवाएं बंद हैं, लेकिन प्राइवेट स्कूलों को इस दौरान भी पैसा व अपना मुनाफा ही याद आ रहा है। स्थिति इतनी भयावह है कि उच्चतम, उच्च व अन्य न्यायालय भी बंद कर दिए गए हैं। ज़्यादातर अभिभावक बच्चों के साथ अपने-अपने गांवों को निकल चुके हैं। ऐसी परिस्थिति में भी प्राइवेट स्कूलों द्वारा फीस को 30 मार्च से पूर्व जमा करवाने का फरमान पूरी तरह सरकार के आदेशों की अवहेलना है। इस दौरान जब गाडि़यां ही नहीं चलेंगीं तो अभिभावक किस तरह बैंकों तक पहुंच कर यह फीस जमा करवाएंगे। वैसे भी बैंकों में भीड़ पर नियंत्रण की एडवाइजरी जारी की जा चुकी है। इस दौरान पांच से ज़्यादा लोगों के इकट्ठा होने पर भी रोक है व धारा -144 भी लागू है। प्राइवेट स्कूलों द्वारा फीस जमा करने के लिए अभिभावकों को बाध्य करने से भीड़ बढ़ेगी व कोरोना के फैलाव का खतरा भी बढ़ेगा। देश व प्रदेश में आपातकाल जैसी स्थिति है परंतु फिर भी प्राइवेट स्कूल अपनी तानाशाही से बाज नहीं आ रहे हैं।

नहीं कर रहे आदेशों की पालना

विजेंद्र मेहरा ने कहा है कि वैसे भी प्राइवेट स्कूल निदेशक उच्चतर शिक्षा द्वारा जारी 5 दिसंबर 2019, 18 जनवरी तथा 12 मार्च 2020 के आदेशों की पालना नहीं कर रहे हैं। उन्होंने उपायुक्त व पुलिस अधीक्षक शिमला से मांग की है कि जब तक महामारी की स्थिति सामान्य न हो जाए तब तक जो भी स्कूल फीस वसूलने के लिए अभिभावकों से जोर-जबरदस्ती करते हैं उनके प्रबंधन के खिलाफ कानून की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई अमल में लाई जाए।