Tuesday, July 16, 2019 10:42 PM

स्कूल का भवन ढहा, मार्केट जली

रिकांगपिओ —रिकांगपिओ में गुरुवार को जिला स्तरीय मॉकड्रिल का आयोजित किया गया। जिस में भूकंप के दौरान होने वाली व्यावैह स्थिति को काल्पनिक रूप में दर्शाया गया। इस दौरान यह बताया गया कि प्रातः 8ः36 बजे किन्नौर में भूकंप के तेज झटकों से थरथराया। जिसकी तीव्रता 8.5 आंकी गई। भूंकप से रिकांगपिओ क्षेत्र के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला रिकांगपिओ का भवन ढहने वहीं दूसरी तरफ  इंदिरा मार्केट में आग लगने, राष्ट्रीय उच्च मार्ग पर विभिन्न स्थानों पर सड़क अवरुद्ध होने, पांगी नाला में सड़क अवरुद्ध, कल्पा में भारी बर्फबारी के कारण गलेशियर आने व जवाहर नवोदय विद्यालय रिकांगपिओ का भी भवन ढहने की सूचना मिली। इस के अतिरिक्त सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग का कार्यालय ढहने व पुलिस आवासीय परिसर क्षतिग्रस्त होने से कई लोग भूकंप के चपेट में आ गए। भंूकप से तबाही की सूचना मिलते ही जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण तुरंत हरकत में आ गया और सभी संबंधित विभाग घटना स्थल के लिए रवाना हो गए और राहत व बचाब कार्यों में जुट गए। उपायुक्त किन्नौर गोपाल चंद ने बताया कि  भूकंप के काल्पनिक घोषणा के तीन घंटे के भीतर सारा राहत व बचाव कार्य पूरा किया गया। इस दौरान त्वरित कार्रवाई की गई। इस दौरान आपदा प्रबंधन टीमों को कई स्थानों पर सड़क तंग होने के कारण वाहनों को दुर्घटना स्थल पर पहुंचने में कठिनाई का सामना भी करना पड़ा। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा आपदा से निपटने के लिए विद्यार्थियों, कर्मचारियों स्वयंसेवी संगठनों व लोगों को जागरूक करने के लिए समय-समय पर जागरूकता शिविरों तथा मॉकड्रिल का आयोजन किया जाता रहा है ताकि आपदा से होने वाले नुकसान को कम से कम किया जा सके ।  इस दौरान सहायक आयुक्त हर्ष अमरिंद्र सिंह ने राहत व बचाव कार्यो की बागडोर संभाली तथा भूकंप की सूचना मिलते ही त्वरित कार्रवाई दलों को मौके पर रवाना किया।  इस दौरान आईटीबीपी का दल राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला रिकांगपिओ व जवाहर नवोदय विद्यालय, सेना दल कल्पा, पुलिस दल पुलिस क्षतिग्रत आवासीय परिसर तथा होमगार्ड्ज का दल सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य कार्यालय के लिए रवाना हुआ। इस दौरान बचाव दल ने तुरंत राहत कार्य आरंभ किया। इस दौरान विभिन्न स्थानों पर भूकंप के कारण आपदा के दौरान 61 लोग फंसे हुए पाए गए जिसे बचाव दल द्वारा सुरक्षित निकाला गया जिसमें 18 घायल पुरुष व एक महिला को सुरक्षित निकालकर चिकित्सा शिविर पहुंचाया गया। इस दौरान हिमाचल प्रदेश अग्निशमन विभाग व भारतीय तिब्बत पुलिस बल, सेना, पुलिस बल के जवानों व विभिन्न विभागों के अधिकारियों व कर्मचारियों द्वारा आपदा के समय राहत व बचाव कार्यो में भाग लिया।