Tuesday, June 02, 2020 11:52 AM

स्टाफ  नर्सेज को रेगुलर करे सरकार

तीन साल का कार्यकाल पूरा चुकी नर्सों ने जताया रोष, मांग पूरी करने की लगाई गुहार

जुखाला - कोरोना संक्रमण के चलते कोरोना वॉरियर्स में सबसे आगे खड़े होकर अपना काम कर रही स्टाफ  नर्स तीन साल का कार्यकाल करने के बावजूद नियमित नहीं हो पा रही हैं, जिससे स्टाफ  नर्सों में भारी रोष है। गौरतलब है कि लॉकडाउन के चलते प्रदेश सरकार ने तीन वर्ष का कार्यकाल पूरा कर चुके सभी विभागों के कर्मचारियों को तो नियमित कर दिया, परंतु कोरोना संक्रमण से लड़ने में फ्रंटलाइन में खड़ी स्टाफ  नर्स अभी भी नियमित होने की आस देख रही है। प्रदेश में इस समय लगभग 545 स्टाफ नर्से आईजीएमसी शिमला सहित प्रदेश के सभी मेडिकल कालेज और विभिन्न अस्पतालों में अपनी सेवाएं दे रही हैं, जिनकी नियुक्ति प्रदेश सरकार ने दिसंबर 2016 व जनवरी 2017 में की है और मार्च 2020 में इन सब स्टाफ नर्सों का तीन वर्ष का कार्यकाल पूरा हो चुका है। परंतु अपने घरों से दूर कोरोना संक्रमण से फर्स्ट रो में खड़ी होकर कोरोना वॉरियर्स यह स्टाफ नर्स कोरोना संक्रमण से ग्रसित लोगों का उपचार कर रही, लेकिन इन स्टाफ  नर्सों को प्रदेश सरकार ने अभी तक नियमित नहीं किया है। इस बात को लेकर इन कोरोना वॉरियर्स में भारी रोष है। स्टाफ नर्सों का कहना है कि प्रदेश सरकार ने स्वास्थ्य विभाग में तैनात फार्मासिस्ट, शिक्षण संस्थान व अन्य विभाग में सेवाए दे रहे कर्मचारियों को तो तीन वर्ष का कार्यकाल पूरा होने पर नियमित कर दिया, परंतु गंभीर कोरोना बीमारी के बीच में सेवाएं दे रही नर्सों को अभी तक नियमित नहीं किया। इन नर्सों की भर्ती प्रदेश सरकार ने कमिशन के जरिए दिसंबर 2016 से जनवरी 2017 में की थी। इन सभी 545 नर्सों का मार्च माह में तीन वर्ष का कार्यकाल पूरा हो गया है। इसके बाद अन्य विभागों के कर्मचारियों की तरह इनके नियमित होने के आदेश जारी हो जाने चाहिएं थे, परंतु अभी तक निर्देशालय की तरफ  से इस तरह के कोई आदेश नहीं निकले हैं। इस संदर्भ में ट्रेंड नर्सेज एसोसिएशन ऑफ  इंडिया की प्रदेशाध्यक्ष ज्योति वालिया ने कहा कि यह मामला उनके ध्यान में है और वह इस मामले को लेकर के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और स्वास्थ्य विभाग के निदेशक से मुलाकात करके उठाएंगे और जल्द ही तीन वर्ष का कार्यकाल पूरा कर चुकी नर्सों को नियमित करने की मांग की जाएगी, जो कि हमारे देश के लिए और घातक सिद्ध हो सकता  है।