Monday, June 01, 2020 02:20 AM

स्टोन फू्रट्स के करोड़ों के कारोबार पर कोरोना वायरस का साया

रामपुर बुशहर-स्टोन फू्रट्स के करोड़ों के कारोबार पर इस बार कोरोना वायरस का संकट गहरा गया है। अगर जल्द देश व प्रदेश की स्थिति सामन्य नहीं हुई तो बागवानों को इस वायरस की बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी। जिसे सोचकर बागवान खासे चिंतित है। बागबान दुआ ये ही कर रहे है कि 14 अप्रैल के बाद स्थिति सामान्य हो जाए। लेकिन जिस तरह से कोरोना वायरस के मामले बढ़ रहे है वह चिंता का विषय बना हुआ है। अगर लॉकडाऊन और खीचंता है तो बागवानों की दिक्कतें बढ़ सकती है। गौरतलब है कि स्टोन फू्रट्स बाहुल क्षेत्र कोटगढ़, दत्तनगर, रचोली व आसपास के क्षेत्रों में जहां कुछ जगहों पर फ्लावरिंग है वहीं कुछ जगहों पर फु्रट्स तैयार होने शुरू हो गए है। 14 अप्रैल के बाद इन्हें मार्केट में भेजना शुरू कर दिया जाता है। लेकिन इस बार इस फसल को क्या होगा फिलहाल इस बारे में कहना मुश्किल है। 14 अप्रैल को लॉकडाउन हटेगा या नहीं ये कहना मुश्किल है। ऐसे में यहां के बागबान स्टोन फु्रट्स की फसल को किस मार्केट में भेजेंगे इस पर फिलहाल कुछ भी नहीं कहा जा सकता। प्राप्त जानकारी के मुताबिक स्टोन फू्रट्स में चेरी, बादाम, प्लम, खुरमानी, आडु आते है। अकेले कोटगढ़ बेल्ट में चेरी के करीब 15 लाख से अधिक बॉक्स होते है। वहीं बादाम की भी अच्छी खासी फसल होती है। इसके अलावा रामपुर में पल्म के करीब डेढ़ लाख से अधिक बॉक्स होते है। ऐसे में अनुमानित रामपुर और कोटगढ़ में स्टोन फू्रट्स का करोड़ों का कारोबार होता है। बागबानों का कहना है कि ये स्टोन फू्रट्स शिमला, सोलन व चंडीगढ़ में भेजे जाते है। भुट्टी निवासी सोनू गरोल का कहना है कि इस बार चेरी,बादाम व पल्म की फसल कम है। मौसम ने इस बार बागबानों का साथ नहीं दिया। लेकिन जो भी फसल है उस पर भी अभी संशय कायम है कि ये मार्केट में पहुंचेगी या नहीं। अगर लॉकडाउन हटता है और स्थिति सामन्य हो जाती है तो बागबानों का नुकसान बच सकता है।