Wednesday, July 17, 2019 08:39 AM

स्पीति घाटी का मुख्यालय है काजा

काजा स्पीति घाटी का  उपमंडल मुख्यालय है। यह स्पीति नदी के बाएं किनारे ढालुआ पर्वतपृष्ठ के पैंदे में स्थित है। एक समय यह स्पीति के मुखिया नोनो का मुख्यालय था। यह शिमला से 425 किलोमीटर दूर है...

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   काजा

काजा स्पीति घाटी का  उपमंडल मुख्यलय है। यह स्पीति नदी के बाएं किनारे ढालुआ पर्वतपृष्ठ के पैंदे में स्थित है। एक समय यह स्पीति के मुखिया नोनो का मुख्यालय था। यह शिमला से 425 किलोमीटर दूर है। 

  की- मोनेस्ट्री

यह स्पीति के प्रभुत्व वाले गांव की सबसे पुरानी तथा सबसे बड़ी मोनेस्ट्री है। इस मठ में लगभग 300 लामा अपना धार्मिक प्रशिक्षण प्राप्त करते हैं। इसमें बुद्ध तथा अन्य देवी-देवताओं के दुर्लभ चित्र तथा धार्मिक ग्रथ हैं। यह स्पीति की पश्चिमी जनसंख्या की सेवा कर रही है। 

कोठी

यह जिला किन्नौर में है और इसे ‘कोष्टांपी’ भी कहा जाता है। यह कल्पा से थोड़ा नीचे है और किन्नर कैलाश के पृष्ठ भाग में शोभयमान है। गांव में ‘श्वांग चंडिका’ का प्रसिद्ध मंदिर भी है। गांव का अपने आकर्षक मंदिर, हरे खेतों और फलदार पेड़ों से  एक सुंदर परिदृश्य है। 

कुगती

यह भरमौर का अंतिम आवासीय गांव है, जो कुगती दर्रा से बहुत दूर नहीं है। यह भरमौर से केलांग के लिए एक चुनौतीपूर्ण मार्ग है। यहां से केलांग वजीर का प्रसिद्ध मंदिर दो किलोमीटर दूर है। इसकी दृश्यावलियां मनमोहक हैं।

 कसौली

यह एक मनोहर पहाड़ी स्थान है तथा पक्षियों का निरीक्षण करने वालों के लिए अति लोलुप है। गड़खल में सत्य साई बाबा के आश्रम के समीप मंकी प्वाइंट है। कसौली में पास्चर संस्थान भी है जो कुत्ते के काटे का वैक्सीन भी तैयार करता है। सामने की पहाड़ी पर सनावर में प्रसिद्ध लारेंस स्कूल स्थित है। कसौली में दूरदर्शन रिले स्टेशन भी है। छावनी होने के कारण अनुरक्षण बहुत अच्छा है।