Monday, June 01, 2020 12:21 AM

स्पीति में अब उगेगा ढिंगरी मशरुम

केलांग-लाहुल-स्पीति क्षेत्र में अब ढिंगरी मशरुम की खेती व्यापक स्तर पर की जाएगी। कृषि एवं जनजातीय प्रौद्योगिकी मंत्री डा. रामलाल मार्कंडेय ने सोमवार को एडीसी कार्यालय में विभिन्न विभागों के कार्य की समीक्षा बैठक के दौरान कहा कि स्पीति में मटर की फसल काफी प्रचलित है, लेकिन अब ढिंगरी मशरुम की फसल को यहां पर विकसित करने के लिए कार्य तीव्र गति से चला हुआ है। इसी कड़ी में 50 किसानों को मशरुम की खेती करने के बारे में प्रशिक्षित किया गया है तथा उन्हें ढिंगरी मशरुम के स्पून तैयार  करके बागबानी विभाग ने वितरित कर दिया है। स्पीति में पर्यटन का बहुत बड़ा कारोबार है। ऐसे में यहां पर उगने वाली  ढिंगरी  मशरुम की खपत यही पर हो जाया करेगी। अभी तक चिचिम,कलजग,  लादे के प्रगतिशील किसान ढिंगरी मशरुम की खेती पिछले कुछ सालों से कर रहे हैं। किसानों के सारे प्रयोग सफल हुए हैं । स्पीति  का तापमान मशरूम की पैदावार के के लिए उपयुक्त है।  ऐसे में स्पीति के हर गांव में मशरुम की खेती की जा सकती है। प्रशिक्षित किसान इस बार ढिंगरी मशरुम की खेती करेंगे साथ ही साथ किस तरह और पैदावार को बढ़ाया जा सकता है जब यहां पर ढिंगरी मशरुम की फसल काफी अधिक होगी तो उसे प्रदेश के अन्य जिलों व प्रदेश से बाहर भी बेचने का प्रयास किया जाएगा। मंत्री डा. रामलाल मार्कंडेय ने बताया कि सभी किसानों को निःशुल्क में ढिंगरी मशरुम की स्पून दी गई है। उक्त बैठक में एडीएम ज्ञान सागर नेगी सहित अन्य विभागों के अधिकारी टीएसी सदस्य भी विशेष तौर पर मौजूद रहे।

औषधीय गुणों से है भरपूर

ढिंगरी मशरुम में काफी औषधीय गुण पाए जाते हैं। दवाई के लिए इसे इस्तेमाल किया जा रहा है। ढिंगरी मशरुम  में प्रोटीन होती है। इसके साथ ही कैल्शियम, पोटेशियम व आयरन आदि पाई जाती है। केंसर प्रतिरोधी क्षमता, खून में कोलेस्ट्रॉल कम करने की क्षमता, ब्लड शूगर कम करने की क्षमता आदि को यह काफी चर्चित है।