Thursday, December 03, 2020 07:21 AM

स्पीति में कोरोना से निपटने को महिलाओं ने संभाला मोर्चा

स्थानीय बोली में बैनर लिख कोविड-19 के बारे में कर रहीं जागरूक

केलांग-विकास खंड काजा में कोरोना वायरस के प्रति लोगों को जागरुक करने के लिए बैनर लेखन का कार्य महिलाएं कर रही है। स्पीति में में स्वयं सहायता समूह सेमकित इनदिनों बैनर लिखकर स्पीति में मिसाल कायम कर रहा है। अभी तक 30 बैनर सेमकित समूह लिखे जा चुके हैं, जिन्हें काजा विकास खंड के विभिन्न क्षेत्रों में लगाया गया है। संगनम में एक, काजा बाजार में छह, काजा में चार, ताबो में तीन, किब्बर में एक, लोसर, कोमिक, हुरलिंग, काजा अस्पताल में एक-एक बैनर लगाया गया है। सुमदो में चार, खंड विकास अधिकारी कार्यालय, हल और खुरिक में भी एक-एक बैनर लगाया गया है। इन बैनर की खास बात यह है कि स्पीति की स्थानीय बोली में इन बैनर को लिखा गया है। इसके साथ  ही हिंदी और अंग्रेजी में भी लिखा है।  लोगों को अपनी बोली में  इन बैनरों के माध्यमों से संदेश दिया जा रहा है। असल में विकास खंड काजा में दीवार लेखन बैनर लिखने के लिए कोई भी पेंटर नहीं है। इसी वजह से यहां के लोगों को काफी दिक्कतें पेश आती थी, लेकिन स्पीति के सेमकित सहायता समूह को विकास खंड काजा कार्यालय की ओर से प्रशिक्षित किया गया। काजा विकास खंड  की ओर से कुल्लू ब्लॉक में 26 फरवरी से लेकर 11 मार्च तक 15 दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया है। इसमें स्वयं सहायता समूह सेमकित  के चार सदस्यों को प्रशिक्षित किया का गया था। प्रशिक्षण में  डोल्मा युडोन, माया , कलजंग बुटिथ और  तेंजिन डोल्मा को प्रशिक्षण दिया गया था।  इन्हीं महिलाओं ने समूह के अन्य सदस्यों  को भी प्रशिक्षण देना शुरू कर दिया। समूह में तेंजिन नकसल, पालडन डोल्मा,  कालंजग लकित, माया, तेंजिन योयंग शामिल है। पहली बार काजा विकास खंड  के महिला समूह को इस तरह 15 दिन का प्रशिक्षण दिया गया था।  खंड विकास अधिकारी नियोन धैर्य शर्मा ने बताया कि कोरोना को लेकर  बैनर लेखन का कार्य करने के बारे में जब सेमकित समूह से संपर्क किया गया, तो उन्होंने हामी भर दी। अभी तक  30 बैनर लिखे जा चुके हैं। जिन्हें विकास खंड काजा के तहत महत्त्वपूर्ण स्थानों पर लगाया जा चुका है। काजा विकास में सरकारी कार्य  के बोर्ड और सूचना पट्ट लिखने में भारी दिक्कत पेश आती थी। ऐसे में महिला समूह के सदस्यों को पेंट करने और बोर्ड हार्डिंग लिखने की ट्रेनिंग कुल्लू में दी गई थी, ताकि ग्राम पंचायतों में होने वाले कार्य के समाप्त होने पर तुरंत बोर्ड लिखे जा सके।  जब तक कार्य का बोर्ड लिखकर लगाया नहीं जाता है कार्य पूरा नहीं समझा जाता है। इस वजह से काजा विकास दूरदराज वह दुर्गम क्षेत्र है ऐसे में लेखन कार्य करवाना काफी चुनौतीपूर्ण रहता है। अब महिलाओं के प्रशिक्षित होने से इन्हें अपने रोजगार मिल पा रहा है और कोरोना के बारे में लोगों को जागरुक करने में ये बैनर अहम भूमिका निभा रहे है।