Tuesday, March 31, 2020 05:35 PM

स्पीति से नदारद कर्मियों की  सीएम से शिकायत

केलांग - स्पीति से नदारद सरकारी कार्मचारियों की शिकायत स्थानीय लोगों ने सीएम से कर डाली है। कर्मचारियों के जिला से बाहर रहने को लेकर जहां कांग्रेस ने इसे मुद्दा बना डाला है, वहीं सरकार की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। स्पीति घाटी के लोगों का कहना है कि पीडब्ल्यूडी के आलाधिकारियों को घाटी से बाहर होने के कारण ही इस बार सर्दियों में घाटी के ग्रामीण क्षेत्रों की अधिकतर सड़के अभी तक बहाल नहीं हो पाई हैं। ऐसे में लोगों को मजबूहर होकर इस मामले की शिकायत मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से करनी पड़ी है। उल्लेखनीय है कि जनजातीय जिला में सर्दियों में सरकारी कार्यालयों से अधिकारियों के नदारद होने का मामला अब तुल पकड़ने लगा है। लाहुल-स्पीति से जहां गत एक माह से 167 सरकारी कर्मचारी जिला से बाहर चल रहे हैं, वहीं स्पीति  घाटी में हालात और भी खराब हो गए हैं। यहां पीडब्ल्यूडी के कार्यालयों से आलाधिकारियों के नदारद रहने का खामियाजा जनता को भुगतना पड़ रहा है। जिला में लोक निर्माण विभाग के अधिशाषी अभियंता के अलावा तीन एसडीओ भी जिला से बाहर चल रहे हैं। ऐसे में स्पीति घाटी के अधिकतर ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कें अभी तक बहाल नहीं हो पाई हैं। स्पीति में अधिकतर सड़कें ठप होने से स्थानीय लोगों को जहां दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्पीति के रहने वाले कांग्रेस कार्यकर्ता कुंजन का कहना है कि घाटी में लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों की बात करें तो यहां अधिकतर अधिकारी जिला से बाहर हैं। उन्होंने बताया कि स्पीति घाटी से लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के नदारद होने को लेकर जहां उन्होंने इस संबंध में एक पत्र मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को लिखा है, वहीं उन्होंने इस बात का खुलासा भी किया है कि स्पीति घाटी में एक अधिशाषी अभियंता के अलावा तीन एसडीओ का चार्ज एक ही व्यक्ति को दिया गया है, जिस कारण लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि स्पीति में जहां उक्त विभाग के अधिकारियों को नदारद होने से विकास कार्य भी थम गया है, वहीं ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कों को आज तक बहाल नहीं किया जा सका है। उधर, लाहुल-स्पीति के पूर्व विधायक रवि ठाकुर का कहना है कि स्पीति में जिस तरह लोक निर्माण विभाग के अधिकारी लंबे समय से घाटी से बाहर हैं, वहीं इस का खामियाजा स्थानीय जनता को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि वह सरकार से यह मांग करते हैं कि स्पीति घाटी में लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को तुंरत घाटी में वापस बुलाया जाए और बंद पड़ी सड़कों को बहाल करवाया जाए।  उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने लाहुल-स्पीति में तैनात सरकारी कर्मचारियों पर शिकंजा नहीं कसा तो लाहुल-स्पीति कांग्रेस आंदोलन करने को मजबूर होगी। मंत्री डा. रामलाल मार्कंडेय ने प्रशासन से मांगी रिपोर्ट जनजातीय जिला से सरकारी कर्मचारियों के बाहर रहने को लेकर हाल ही में जहां स्थानीय विधायक एवं कृषि मंत्री डा. रामलाल मार्कंडेय ने जहां इस संबंध में अधिकारियों-कर्मचारियों को तुरंत जिला में लौटने के फरमान जारी किए थे, वहीं इस संबंध में उन्होंने प्रशासन से एक जांच रिपोर्ट भी मांगी है। उन्होंने कहा कि ड्यूटी से नदारद पाए जाने वालों पर हरहाल में कार्रवाई की जाएगी। ऐसे में लाहुल-स्पीति से सर्दियों में कर्मचारियों के बाहर रहने का मामला अब तूल पकड़ लिया है।