Friday, February 21, 2020 12:44 PM

स्वतंत्रता सेनानी के परिवार की सुध ले सरकार

सुंदरनगर - बिलासपुर जिला के गंगलोह गांव निवासी स्वतंत्रता सेनानी स्वर्गीय गोकुल चंद के पुत्र सोहन सिंह जो हादसे का शिकार होने के बाद लंबे समय से चलने फिरने से मोहताज हैं, की मदद को अब तक प्रदेश सरकार व जिला बिलासपुर प्रशासन आगे नहीं आया है, जो शहीदों की शहादत का सरेआम अपमान है। यह आरोप क्षत्रिय संघ के सलाहकार कृष्ण चंद महादेविया और क्षत्रिय संघ युवा शाखा के उपाध्यक्ष संजय गुमरा ने लगाया है। संजय गुमरा ने कहा कि क्षत्रिय संघ की युवा शाखा महान स्वतंत्रता सेनानी गोकुल चंद की जीवनी व उनके स्वतंत्रता संग्राम में दिए गए योगदान पर पुस्तक लिखने के लिए शोध कर रही है, जिसके तहत युवा शाखा के प्रख्यात लेखर व साहित्यकार कृष्ण चंद महादेविया के मार्गदर्शन में उनके जीवन पर शोध करने के लिए गृहक्षेत्र का दौरा कर उनके बारे में जानकारियां जुटा रही है। इसी अभियान के दौरान वह कई बार स्वतंत्रता सेनानी गोकुल चंद के घर पर भी गए हैं, लेकिन आज जो हालत उनके परिवार की है, वह देख कर रोना आता है। उन्होंने कहा कि स्वर्गीय गोकुल चंद का पुत्र सोहन सिंह एक हादसे का शिकार होने के बाद पिछले लंबे समय से बिस्तर पर ही है। उन्हें सरकार की ओर से कोई मदद नहीं मिल रही है। केवल प्रदेश सरकार की ओर से दिए जाने वाली दिव्यंगता पेंशन के ऊपर ही परिवार भरण-पोषण करने को मजबूर है। उन्होंने कहा कि बुधवार 21 अगस्त को संघ का एक दल जब उनके गांव पहुंचा तो पाया कि दो माह पहले उनकी बीमारी को लेकर सरकार के समक्ष मदद के लिए उठाए गए मामले में अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। प्रदेश सरकार ने अब तक इस परिवार की मदद के लिए कुछ नहीं किया है। उन्होंने बताया संघ ने गुरुवार को मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर एक बार फिर से इस मामले को उठाया है। अगर इस बार भी सरकार ने परिवार की कोई आर्थिक मदद न की तो संघ स्वतंत्रता संग्राम के सिपाहियों के परिवारों की अनदेखी करने पर सरकार के खिलाफ संघर्ष का बिगुल बजाएगा।