Wednesday, April 24, 2019 05:25 AM

हजारों ने लगाई श्रद्धा की डुबकी

रिवालसर—बैसाख संक्रांति के पर्व पर आयोजित रिवालसर बैसाखी मेले के दूसरे दिन हजारों श्रद्धालुओं ने पवित्र झील में आस्था व श्रद्धा की डुबकी लगाई और अपने ग्रहों के निवारण को लेकर दानपुण्य भी किया। पवित्र झील में श्रद्धालुओं के स्नान करने का सिलसिला आधी रात से ही शुरू हो गया था। यहां स्थित लोमस ऋषि मंदिर, लक्ष्मी नारायण मंदिर और शिव मंदिर, बौद्ध गोंपा तथा ऐतिहासिक गुरुद्वारा साहिब में दूर-दूर से आए श्रद्धालुओं ने शीश नवाकर पूजा अर्चना की। चार दिवसीय मेले के दूसरे दिन भारी तादाद में जनसैलाब उमड़ा। झील परिक्रमा मार्ग पर लगाई गई दुकानों पर लोगों की काफी भीड़ देखनेे को मिली। इस बार बैसाखी मेले में उम्मीद से अधिक व्यापारियों ने दस्तक दी है। वहीं मेले में क्षेत्र के दर्जनों देवी-देवता भी श्रद्धालुओं को अपना आशीर्वाद देने पहुंचे हैं। रात्रि सांस्कृतिक संध्याओं के अलावा दिन भर क्षेत्र के विभिन्न महिला मंडलों व स्थानीय स्कूलों के बच्चों द्वारा रंगारंग कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों का मनोरंजन किया गया। मेले में प्रदेश के हमीरपुर, बिलासपुर, कुल्लु व जिला मंडी तथा पंजाब से बड़ी संख्या में लोगों ने दस्तक दी है।

प्रतिबंध के बाद भी दौड़ती रही गाडि़यां

रिवालसर मेले के दौरान झील परिसर में गाडि़यों के आने-जाने पर प्रशासन व मेला कमेटी द्वारा लगाए गए प्रतिबंध की धज्जियां खूब उड़ती हुई देखी गईं।  मेले में भारी भीड़ के बावजूद पुलिस द्वारा लगाए गए नाके से बेरोकटोक गाडि़यां आती जाती रहीं, जिस के कारण बार-बार झील परिसर में जाम की स्थिति बनती रही। ऐसे में मेला देखने आए लोगों व व्यापारियों को कई प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ा। वहीं मेला कमेटी के पदाधिकारी इस बात पर अपनी जिम्मेदारियों से पीछा छुड़ाते नजर आए, जबकि इस दौरान भारी भीड़ में गाडि़यों के बेरोकटोक आगमन से किसी बड़े हादसे का अंदेशा बराबर बना रहा।