Saturday, August 08, 2020 06:01 PM

हथियारों से लैस हुए फोरेस्ट गार्ड

हमीरपुर में वन रक्षकों पर हमलों को देखते हुए गंभीर हुआ महकमा, वैपन खरीदने पर विभाग देगा 15 हजार की सबसिडी

हमीरपुर – वन रक्षकों पर ड्यूटी के दौरान होने वाली घटनाओं को देखते हुए वन महकमे ने इन्हें हथियार मुहैया करवाने की मुहिम शुरू कर दी है। हालांकि अभी वन महकमा अपने स्तर पर इन्हें हथियार देने में खुद को असमर्थ महसूस कर रहा है लेकिन विभाग ने प्लान तैयार किया है कि यदि कोई भी फोरेस्ट गार्ड वेपन खरीदता है, तो उसे 15 हजार की अधिकतर सब्सिडी मुहैया करवाई जाएगी। इस कड़ी में जिला हमीरपुर में 9 फोरेस्ट गार्ड हथियारों से लैस हो गए हैं। बताते हैं कि विभाग द्वारा पुलिस महकमे के माध्यम से 10 फोरेस्ट गार्डों को वेपन हेंडल करने की ट्रेनिंग करवाई गई थी। इनमें से 9 ने वेपन खरीद लिए हैं। प्रदेश के 2017 के बहुचर्चित वन रक्षक होशियार सिंह मौत मामले के बाद फोरेस्ट गार्डों के लिए हथियार की मांग जोरशोर से उठी थी। हालांकि इस मामले में न ही तो सीआईडी और न ही सीबीआई किसी आखिरी नतीजे पर पहुंच पाई थी। फोरेस्ट गार्ड होशियार सिंह की लाख मंडी के करसोग की सेरी कंताड़ा बीट में पेड़ से लटकी हुई मिली थी। परिजनों से इसे हत्या करार दिया था। हालांकि होशियार सिंह की मौत के बाद भी वन रक्षकों पर हमले होने का सिलसिला जारी रहा। अब एक माह पूर्व ही बड़सर उपमंडल की एक फोरेस्ट बीट में एक व्यक्ति ने एक वन रक्षक काे देर रात जंगल में जेसीबी से कुचलने का प्रयास किया था। वह फोरेस्ट गार्ड अब तक उपचाराधीन है। जिला हमीरपुर की बात करें तो यहां 70 फोरेस्ट बीट हैं। फोरेस्ट गार्ड हालांकि यहां 74 हैं जिनमें कुछ महिलाएं भी हैं, लेकिन इनमें से अधिकतर क्लेरिकल वर्क में भी डप्यूट हैं। एक फोरेस्ट गार्ड के पास 15 से 20 किलोमीटर सक्वेयर तक का एरिया रखवाली के लिए होता है। इस जंगली एरिया की उसे अकेले रखवाली करनी होती है। ऐसे में उस फोरेस्ट गार्ड का सामना खतरनाक जंगली जानवरों के अलावा कई बार वन तस्करों से भी होता है। कई फोरेस्ट गार्डों पर हमले भी होते रहे हैं। इसलिए इनके लिए वेपन की मांग काफी समय से उठ रही है। हालांकि अभी जो हथियार ये फोरेस्ट गार्ड खरीदेंगे उन्हें पहले अपनी जेब ढीली करनी होगी। खैर विभाग ने इनके लिए 15 हजार तक सब्सिडी की व्यवस्था भी की है। अच्छी बात यह है कि यह हथियार फोरेस्ट गार्ड का अपना होगा। वहीं, डीएफओ हमीरपुर एलसी वंदना ने कहा कि फोरेस्ट गार्ड्स पर जंगलों में ड्यूटी के दौरान होने वाले हमलों को देखते हुए उनके सेल्फ डिफेंस के लिए सब्सिडी पर हथियार मुहैयार करवाए जा रहे हैं। पहले उन्हें बकायदा पुलिस के मार्फत ट्रेनिंग दिलवाई जा रही है। हमीरपुर में अभी तक नौ फोरेस्ट गार्ड ने अपने हथियार खरीद लिए हैं।

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