Monday, June 24, 2019 04:27 PM

हद हो गई, अब तो जान लेने लगा जाम

जाम तो हर शहर की समस्या बन ही चुका है, लेकिन अब यह जाम लोगों की जान पर भी भारी पड़ रहा है। डबरोग के वार्ड नंबर-सात के रहने वाले विशंबर की मौत के बाद अब स्थानीय जनता ने प्रशासन की अनदेखी और छोटे शहरों की तंग सड़कों पर गायब रहने वाली ट्रैफिक पुलिस से सवाल करना शुरू कर दिए हैं। इस मामले में जब सरकाघाट की जनता से राय ली तो जानें उन्होंने इस मौत के लिए किसे जिम्मेदार बताया...

सरकार की नाकामी से हुई मौत

पूर्व जिला परिषद सदस्य डा. जय कुमार आजाद ने कहा कि ट्रैफिक जाम की समस्या आम लोगों को परेशान कर रही है और इसके लिए प्रशासन और पुलिस जिम्मेदार है। ट्रैफिक जाम से निजात पाने के लिए प्रशासन को ठोस कदम उठाने चाहिए। जाम में किसी अस्पताल पहुंचने से पहले मौत हो जाना सरकार सरकार की कमजोर व्यवस्था को दर्शाता है।

कड़े से कड़े कदम उठाए प्रशासन

रवि कुमार शहर में प्रतिदिन लगने वाले जाम पर कहते हंै कि यह प्रशासन की कमजोरी को दर्शाता है। जाम से निपटने से प्रशासन को कड़े कदम उठाने चाहिएं, ताकि मरीज का समय रहते अस्पताल पहुंचाया जा सके और सड़क किनारे पैदल चलने के लिए फुटपाथ का निर्माण किया जाना चाहिए और पार्किंग का निर्माण बिना विलंब शुरू किया जाए।

एबुलेंस के लिए खाली रखंे सड़क

सेवानिवृत्त हैडमास्टर दीप कुमार संधू ने ट्रैफिक व्यवस्था पर कहा कि प्रतिदिन दो-दो घंटे जाम लगना प्रशासन की लचर व्यवस्था का संकेत है। दो दिन पहले डबरोग के एक व्यक्ति की जाम में फंस कर अस्पताल पहुंचाने से पहले मौत हो जाना चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि एंबुलेंस व अग्निशमन की बस के लिए हर समय सड़क खाली रखी जाए ।

बंद कमरों से नहीं सुधरेगी हालत

जसाई के सेवानिवृत्त सैनिक जगदीश चंद ने कहा कि प्रतिदिन डबरोग से लेकर जमसाई तक दो किलोमीटर लंबा जाम घंटों लगना ट्रैफिक पुलिस की कमी है, उन्हंे अपनी व्यवस्था को सुधारना होगा और प्रशासन भी नजर रखे। बंद कमरों में बैठकर बिगड़ी व्यवस्था को ठीक नहीं किया जा सकता है।

साझा नीति बनाएं

वार्ड नंबर दो रामनगर के सेवानिवृत्त डिप्टी रेंजर ज्ञान चंद ने बताया कि नगर पंचायत और ट्रैफिक पुलिस को प्रतिदिन लगने वाले जाम से निपटने के लिए साझी रणनीति बनानी चाहिए ताकि जाम न लगे और एंबुलेंस व एंबुलेंस की गाड़ी को निकालने में कोई परेशानी न हो। जाम में मरीज की मौत हो जाना चिंता का विषय है।

प्रशासन जिम्मेदार

बार एसोसिएशन के उपाध्यक्ष एडवोकेट नरेश शर्मा ने कहा कि सरकाघाट में ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है और प्रतिदिन दिन मे तीन-तीन बार जाम लग रगा है। जिसकी वजह से रोगी समय पर अस्पताल नहीं पहुंच पाता है। बच्चे स्कूल व कर्मचारी ऑफिस ही समय पर नहीं पहुंच रहा है। इसके लिए प्रशासन व पुलिस जिम्मेदार है।