Tuesday, August 04, 2020 10:54 AM

हफ्ते का ख़ास दिन

अनुपम खेर

जन्मदिन : 7 मार्च, 1955

अनुपम खेर एक भारतीय एक्टर हैं जिन्हें हम 500 से भी ज्यादा फिल्मों में देख चुके है। मुख्यतः उन्होंने हिंदी फिल्मों में काम किया है, इसके साथ-साथ उन्होंने बहुत सी इंटरनेशनल फिल्में भी की हैं, जिनमे मुख्यतः बेककहम, लस्ट जैसी सुपरहिट फिल्में शामिल हैं। अनुपम खेर को पांच बार कॉमिक रोल के लिए बेस्ट परफार्मेंस के लिए पांच फिल्मफेयर अवार्ड मिल चुके हैं। विजय फिल्म में अपने किरदार के लिए उन्हें बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर का फिल्मफेयर अवार्ड भी मिला था। खेर का जन्म 7 मार्च, 1955 को शिमला में हुआ है। उनके पिता क्लर्क थे। उन्होंने शिमला की डीएवी स्कूल से प्राथमिक शिक्षा ग्रहण की। मुंबई में एक्टर के रूप में अपने संघर्ष के दिनों में, वह रात को प्लेटफार्म पर सोते थे। अनुपम खेर ने 1982 में फिल्म ‘आगमन’ से उन्होंने हिंदी फिल्म जगत में प्रवेश किया था। इसके बाद 1984 में उन्होंने सारांश फिल्म की, जिसमें 28 साल के खेर ने एक सामान्य वर्ग के महाराष्ट्रीयन का किरदार निभाया था, जिसने अपने बेटे को खो दिया हो। उन्होंने बहुत से टीवी शो भी होस्ट किए हैं। कुछ फिल्मों में उन्होंने विलेन की भूमिका भी अदा की है, उन फिल्मों में ‘डा. दंग इन कर्मा’1986 शामिल है। ‘डैडी 1989’ में उनके रोल के लिए उन्हें बेस्ट परफार्मेंस का फिल्मफेयर क्रिटिक्स अवार्ड भी मिला था। उन्होंने शाहरुख खान के साथ मिलकर बहुत सी फिल्में की हैं, जिनमें वह शाहरुख के सह-कलाकार दिखे जैसे कि ‘डर 1993, दिलवाले दुल्हनियां ले जाएंगे 1995, चाहत 1996, कुछ कुछ होता है 1998, मोहब्बतें 2000, वीरजारा 2004 और हैप्पी न्यू ईयर’ शामिल हैं। इसके बाद उन्होंने 2002 में आई फिल्म ‘ओम जय जगदीश’ को डायरेक्ट किया और प्रोड्यूसर बने। उन्होंने इसके बाद ‘मैंने गांधी को नहीं मारा 2005’ प्रोड्यूस की और उसमें वह खुद ही एक्टर बने। फिल्म में उनके लाजवाब प्रदर्शन को देखकर कराची इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में उन्हें बेस्ट एक्टर का अवार्ड भी मिला था। फिल्म में पुलिस कमिश्नर राठोड के किरदार को लोगों ने काफी सराहा था और आलोचकों ने भी जमकर तारीफ  की थी। खेर ने अपने खुद के जीवन पर आधारित नाटक ‘कुछ भी हो सकता है’ लिखा था और खुद ही उसमे एक्टिंग भी की थी, जिसे फिरोज अब्बास खान ने डायरेक्ट किया था। अभी कुछ दिनों पहले तक ही उन्होंने इंडियन फिल्म सेंसर बोर्ड के पद पर रहते हुए सेवा की थी। इसके साथ-साथ वे नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा के 1978 की बैच के भूतपूर्व छात्रा भी थे। 2007 में अनुपम खेर अपने साथियों एनएसडी, सतीश कौशिक के साथ  फिल्में की। दोनों ने मिलकर करोल बाग प्रोडक्शन की स्थापना की और उनकी पहली फिल्म तेरे संग थी, जिसे सतीश कौशिक ने ही डायरेक्ट किया था। इसके बाद प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन ने 2010 में उन्हें अपना गुडविल एंबेसेडर घोषित किया।