Tuesday, November 19, 2019 03:04 AM

हफ्ते की हस्तियां

 डा. विजय को लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड

औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी के पूर्व वाइस चांसलर डा. विजय सिंह ठाकुर को बागबानी के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए सर्वोच्च लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड से नवाजा गया है। यह अवार्ड सन 1942 में स्थापित भारतीय बागबानी विज्ञान अकादमी द्वारा प्रदान किया गया है। उन्होंने इस अवार्ड के लिए भारत वर्र्ष के 48 प्रतिभागियों को पछाड़ा है। इस अवार्ड को प्रतिष्ठित दादा साहेब फाल्के अवार्ड के समतुल्य माना जाता है। डा. ठाकुर को यह अवार्ड उनके बागबानी विज्ञान विशेषकर फल विज्ञान में किए गए बेहतरीन कार्यों को देखते हुए दिया गया है। उन्होंने अपनी जिंदगी के लगभग 32 वर्ष फल विज्ञान, फल संबंधित रोगों व उससे जुड़े अध्ययन को दिए हंै। उनकी इसी प्रतिबद्धता व लगन को देखते हुए वर्ल्ड बैंक, आईसीएआर, यूरोपियन कमीशन सहित अन्य प्रतिष्ठित संस्थाओं द्वारा डा. ठाकुर को अपने कार्यकाल के दौरान करीब तीन दर्जन प्रोजेक्ट व रिसर्च वर्क सौंपे गए, जिन्हें उन्होंने पूरा भी किया। वर्तमान में बीएसएमए-आईसीएआर कमेटी के चेयरमैन रहते हुए उन्होंने देश में चल रहे बागबानी स्नातक प्रोग्राम के लिए नए पाठ्यक्रम को तैयार करने में अहम भूमिका निभाई है। शिमला के जुब्बल में जन्मे डा. विजय सिंह ठाकुर का सफर काफी संघर्ष का रहा है।

सीमा को लंबी दौड़ में गोल्ड

विजयवाड़ा में 35वीं जूनियर नेशनल एथलेटिक चैंपियनशिप में धर्मशाला होस्टल की धाविका सीमा ने पांच हजार मीटर दौड़ में अपना सर्वश्रेष्ठ व्यक्तिगत प्रदर्शन किया। सीमा ने सभी प्रतिभागियों को पछाड़ते हुए 17 मिनट तीन सेकंड में दौड़ पूरी कर गोल्ड मेडल जीता। दिव्य हिमाचल की एक्सिलेंस अवार्डी सीमा ने एक बार फिर पांच हजार मीटर दौड़ में नेशनल चैंपियन बनने का गौरव हासिल कर लिया है। चंबा जिला की सीमा ने आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में चल रही प्रतियोगिता में यह बड़ा मुकाम हासिल किया है। हालांकि तीन बार की नेशनल रिकार्डी सीमा इस बार महज दो सेकंड के अंतर से राष्ट्रीय रिकार्ड बनाने से चूक गईं। बता दंे कि ‘दिव्य हिमाचल’ मीडिया गु्रप हिमाचल का नाम रोशन करने वाली सीमा की गजब की प्रतिभा देख, उसे एक्सिलेंस अवार्ड से सम्मानित कर चुका है।