हफ्ते की हस्तियां

अनकेश ने ओपन सीनियर नेशनल एथलेटिक्स में जीता सिल्वर

कांगड़ा जिला के गांव पथियार के रहने वाले अनकेश ने ओपन सीनियर नेशनल एथलेटिक्स चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल जीता। अब तक हिमाचल का कोई भी एथलीट ओपन सीनियर नेशनल में मेडल नहीं जीत पाया है। अनकेश चौधरी ने इस बार सीनियर नेशनल चैंपियनशिप में भाग लिया था। अनकेश चौधरी अभी तक मात्र 21 साल के हैं। 59वीं नेशनल ओपन एथलेटिक्स चैंपियनशिप का आयोजन झारखंड के रांची में हुआ था। अनकेश ने 800 मीटर दौड़ में दमखम दिखाया। प्रतियोगिता में अनकेश चौधरी ने दौड़ एक मिनट 51 सेकंड 55 माइक्रो सेकंड में पूरी की। वर्तमान में अनकेश सेना में हवलदार के पद  पर सेवाएं दे रहे हैं, जिसके चलते वह सर्विसेज की ओर से खेलते हैं। अनकेश चौधरी ने अपनी सफलता का श्रेय कोच सी हम्जा और राज्य खेल छात्रावास ऊना के एथलेटिक्स कोच भागीरथ को दिया है।  

34 साल के किपचोगे ने रचा इतिहास

केन्या के दिग्गज धावक इलियुड किपचोगे ने शनिवार को इतिहास रच दिया। वह दो घंटे से कम समय में मैराथन पूरी करने वाले दुनिया के पहले धावक बन गए हैं। 34 साल के किपचोगे ने यहां एक घंटे 59 मिनट और 40 सेकंड में मैराथन दौड़ को पूरा किया। यह हालांकि आधिकारिक मैराथन रिकार्ड नहीं है, क्योंकि यह ओपन कंपीटीशन नहीं था और किपचोगे ने रोटेटिंग पेसमेकर्स का उपयोग किया था। केन्याई धावक की मदद के लिए 42 पेसमेकर्स शामिल किए गए थे। इनमें 1500 मीटर ओलंपिक चैंपियन मैथ्यू सेंट्रोविट्ज, ओलंपिक 5000 मीटर रजत पदक विजेता पॉल चेलिमो और इंगेरब्रिजट्सेन भाई जैकब, फिलिप और हेनरिक शामिल हैं। पूरे कोर्स के दौरान किपचोगे के कोचों ने बाइक की मदद से उन्हें जेल और पानी मुहैया कराया। आमतौर पर मैराथन प्रतियोगिता के दौरान धावक को खुद ही टेबल पर से रिफ्रेशमेंट लेना होता है। एक समय ऐसा आया, जब लगा कि किपचोगे रिकार्ड बना लेंगे तो पेसमेकर्स हटा लिए गए और फिर किपचोगे ने अकेले ही लाइन पर दौड़ लगाई।  

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