Friday, December 06, 2019 09:44 PM

हमीरपुर बस स्टैंड में पकड़े आधा दर्जन बच्चों ने जिला बाल संरक्षण विभाग के सामने खोली पोल

हमीरपुर में खुलासा, मां-बाप ही मंगवा रहे बच्चों से भीख

हमीरपुर - प्रवासी परिजनों ने अपनी जरूरत पूरी करने के लिए अपने बच्चों को ऐसे दलदल में धकेल दिया है, जिससे न सिर्फ इन बच्चों का भविष्य अंधकारमय हो जाएगा, बल्कि उनके जीवन पर भिखारी होने का एक बदनुमा दाग भी लग रहा है। ऐसे परिजन ही अपने बच्चों के भविष्य के दुशमन बन बैठे हैं। इस बात का खुलासा जिला बाल संरक्षण विभाग के रेसक्यू में हुआ है। जहां भीख मांग रहे आधा दर्जन प्रवासी बच्चों को पकड़ा गया, वहीं करीब एक दर्जन भीख मांगते नाबालिग मौके से फरार हो गए। जिस उम्र में बच्चों के हाथ में किताबें होनी चाहिए, उस आयु में परिजनों ने उनके हाथों में भीख के कटोरे थमा दिए हैं। भीख मांग रहे बचपन को देखकर सहज अंदाजा लगाया जा सकता है कि उनका भविष्य कैसा होगा। बच्चे स्कूल जाना चाहते हैं, लेकिन परिजन इनके सिर पर पैसा कमाना चाहते हैं।  शनिवार को बाल संरक्षण विभाग को सूचना मिली कि बस स्टैंड हमीरपुर के पास कुछ भिखारी बच्चे लोगों को तंग कर रहे हैं। ये जबरदस्ती लोगों से भीख मांग रहे थे। एक साथ करीब 16 से 17 बच्चों की इस टोली ने सबकी नाक में दम कर दिया। सूचना मिलते ही जिला बाल संरक्षण विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई। मौके पर पहुंची टीम ने पांच बच्चों को पकड़ लिया। हालांकि बाकी सभी मौके से फरार हो गए। पांचों को पकड़कर जिला बाल संरक्षण विभाग के कार्यालय लाया गया। यहां सभी की काउंसिलिंग की गई है। पूछने पर बच्चों ने बताया कि वे तो स्कूल जाना चाहते हैं, लेकिन उनके परिजन उन्हें स्कूल भेजने की बजाय भीख मांगने के लिए मजबूर कर रहे हैं। परिजनों की मजबूरी ने उन्हें बचपन में ही भिखारी बना दिया है। बच्चों को रेस्क्यू करने के बाद इसकी सूचना स्थानीय एसडीएम और पुलिस को दी गई। बच्चों के अभिभावकों को भी कार्यालय में बुलाया गया। दोपहर बाद बच्चों को उनके अभिभावकों को सौंप दिया गया,  उन्हें भविष्य में बच्चों से भिक्षावृत्ति न करवाने को लेकर भी चेताया गया है।