Saturday, September 21, 2019 04:34 PM

हमीरपुर में क्रशर…बिलासपुर में खनन

शुक्कर खड्ड में अवैध तरीके से उठाई जा रही सामग्री, दस फुट गहरी होने से पेयजल स्कीमों को खतरा

बरठीं -बिलासपुर व हमीरपुर की शरहद पर वर्षों से चार पंचायतांे के बीच शुक्कर खड्ड भल्लू के पास लगे क्रशर से होने वाले बेतहाशा खनन व पर्यावरण नुकसान से झंडूता तहसील के घंडीर, संगास्वीं, रियाना, तरेलू, बरठीं, बल्ह, भल्लू, मलारी व बलोह के सैकड़ों लोगों ने संघर्ष का बिगुल बजाने की तैयारी कर ली है। दर्जनों लोगों द्वारा हस्ताक्षरित एक लिखित पत्र में उन्होंने इस गोरख ध्ंाधे को बंद करने या फिर बिलासपुर सीमा से हमीरपुर के दूरदराज क्षेत्र में शिफ्ट करने की बात कही है। हालांकि इससे पहले शिकायत को मुख्यमंत्री व पर्यावरण विभाग को भी लोगों द्वारा प्रेषित किया जा चुका है, लेकिन अभी तक कोई भी कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई है। शिकायतकर्ताओं में विजय कुमार, राजकुमार राणा, पूर्व वार्ड सदस्य जय चंद, दिनेश कुमार, भाग सिंह, राजकुमार, मुकेश कुमार, जोगेंद्र सिंह, शालीग्राम, ज्ञान चंद, सुखराम, नसीब राम, निक्की देवी, पवन कुमार, राजपाल, संतोष कुमार, प्रकाश चंद, हंसराज, जुलामी राम, अमीं चंद, हंस राज, किशोरी लाल, भाग सिंह, ओंकार चंद, राजकुमार, राजेश कुमार व सुभाष चंद ने समस्या का इजहार करते हुए बताया कि शुक्कर खड्ड पर बिलासपुर की ठीक सीमा पर लगे होने के कारण सारा का सारा खनन बिलासपुर की ओर किया जा रहा है। जो खड्ड कभी दस से 15 फुट उपर हुआ करती थी, वह अब दस से 15 फुट नीचे जा चुकी है। उन्होंने बताया कि खनन करने से जहां सरकार को लाखों रुपए का नुकसान हो रहा है, वहीं क्रशर पर काम करने वाले व खड्ड में खनन करने वाले बाहरी प्रदेशों के मजदूर खड्ड में मल का त्याग कर पेयजल योजनाओं को प्रभावित करने से गुरेज नहीं कर रहे हैं, जबकि इस क्रशर के नजदीक  प्रदेश सरकार द्वारा भल्लू पेयजल योजना मात्र 100 मीटर की दूरी पर स्थित है। इसके निचली ओर पीने के पानी की दो स्कीमें हैं, जो मलारी-कुठेड़ा, कोलका, घ्ंाडीर, मलांगण, कथ्यून, गुजरेहडा, बल्हसीणा, दधोग, टप्पे, झमराडि़यां व लैहड़ी तक सभी गांवों  के हजारों लोगों को पानी की आपूर्ति की जाती है। खास बात यह है कि ये पेयजल योजनाएं क्रशर से मात्र 100 मीटर की दूरी पर हैं। उन्होंने बताया कि खनन इसी तरह बदसूरत होता रहा है तो क्षेत्रभर के पांच हजार लोगों को पानी के लिए तड़पने पर मजबूर होना पडे़गा। उन्होंने बताया कि ठेकेदार ने गरीब व्यक्तियों से थोड़ी सी निजी भूमि लेकर क्रशर लगा रखा है और जिला बिलासपुर के मौजां छत, संडयार, भल्लू रियाणा और मलारी की पूरी खड्ड में रात-दिन खनन करता चला आ है। लोगों ने सरकार व प्रशासन से पुरजोर मांग करते हुए कहा कि इस क्रशर को समय रहते उक्त स्थान पर से हटाया जाए।