Monday, April 06, 2020 05:01 PM

हमीरपुर मेडिकल कालेज में  सिर्फ  ‘हफ्ते तक का ही ब्लड’

हमीरपुर.  - डा. राधाकृष्णन  मेडिकल कालेज एवं अस्पताल हमीरपुर के ब्लड बैंक पर संकट मंडरा सकता है। ब्लड बैंक के पास सिर्फ  एक सप्ताह तक का ही ब्लड है। वहीं, यहां पर लगभग रोजाना आधा दर्जन महिलाओं की डिलीवरी होती है। डिलीवरी के दौरान अकसर ब्लड की आवश्यकता पड़ती रहती है। अस्पताल के ब्लड बैंक में अब महज एक सप्ताह तक का ही ब्लड बचा है अगर कर्फ्यू में ब्लड की आवश्यकता पड़ी, तो मुसीबत खड़ी हो जाएगी। जाहिर है कि पूरे देश में कर्फ्यू लगा हुआ है। ऐसे में किसी का घर से बाहर निकलना पूरी तरह प्रतिबंधित है सिर्फ जरूरत की चीजों के लिए ही परिवार का एक सदस्य बाहर जा सकता है। समय सीमा निर्धारित कर दी गई है। कर्फ्यू के दौरान पुलिस सख्ती से निपट रही है ऐसे में रक्तदान के लिए जाना भी खुद के लिए मुसीबत खड़ी करने वाला काम होगा। कर्फ्यू के चलते रक्तदाता नहीं आ सकते हैं और न ही कहीं ब्लड कैंप लग रहा  है। ऐसे में जरूरतमंदों को रक्त उपलब्ध करवाने के लिए दिक्कतों का सामना करना पड सकता है। मेडिकल कालेज में वर्तमान समय में औसतन छह गर्भवतियों की डिलीवरी रोजाना हो रही है। इनमें से आधे मरीजों को रक्त की जरूरत पड़ रही है, जबकि अन्य आपातकाल में रोगी जिन्हें रक्त की जरूरत है अस्पताल पहुंच रहे हैं। यहां यह भी बताना चाहेंगे कि स्वास्थ्य विभाग ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर ओपीडी की सुविधा बंद कर दी है। अब ओपीडी में इलाज करवाने के लिए भी लोग मेडिकल कालेज पहुंच रहे हैं। आपात स्थिति में मरीज के लिए रक्त  उपलब्ध करवाना एक चुनौती बनी हुई है। ब्लड बैंक हमीरपुर के प्रभारी डा. राकेश का कहना है कि अभी तक 21 यूनिट ब्लड बैंक में मौजूद है। इनसे एक सप्ताह तक का गुजारा हो सकता है। अगर ब्लड की जरूरत पड़ेगी तो प्रशासन से रक्तदाताओं के कर्फ्यू पास बनाने को कहा जाएगा।