Tuesday, July 16, 2019 09:39 PM

हरिपुरधार में कूड़ा-कूड़ा

नौहराधार—हरिपुरधार बाजार के साथ शिलाई मार्ग के किनारे फेंका गया कूड़ा-कचरा राहगीरों को खूब चिड़ा रहा है। यहां पर पूरे बाजार का सारा कूड़ा सड़क के किनारे खुले में फेंका जाता है। गले-सड़े कूड़े कचरे से निकलने वाली तेज दुर्गंध से राहगीरों का पैदल चलना दुभर हो गया है। वहीं गंदगी से होने वाले रिसाव से ग्रामीणों के पेयजल स्रोत भी दूषित हो रहे हैं। इसके साथ ही यहां पर हर रोज खुले में फेंके गए कूड़े को आवारा पशु, बंदर मंुह मारते देखे जा सकते हैं व पशुओं व बंदरों द्वारा कूड़े को इधर-उधर फेंक देते हैं। तेज हवाओं से कूड़ा-कचरा उड़कर हरे भरे जंगल की सुंदरता को भी ग्रहण लग रहा है। हरिपुरधार क्षेत्र पर्यटक की दृष्टि से काफी विकसित है। यहां पर हिमाचल से ही नहीं अपितु बाहरी राज्यों से पर्यटक मां भंगायणी के दर्शन करने व यहां की सुंदरता को निहारने आते हैं, मगर जंगल में फेंके गए कूड़े देखकर पर्यटकों का दिल सा टूट जाता है। हालांकि व्यापार मंडल द्वारा यहां बाजार की सफाई हेतु कर्मचारी भी रखा गया है। बाजार में सफाई भी बखूबी होती है, मगर फिर भी सफाई कर्मचारी कूड़े को उक्त गड्ढों में न डालकर खुले में ही फेंका जा रहा है। इसलिए ग्रामीणों ने भी व्यापार मंडल व प्रशासन से मांग की है कि बाजार से दूर कहीं बड़े-बड़े गड्डे बनाकर कूड़े को डंपिंग किया जाए, ताकि वहां से गुजरने वाले राहगीर दुर्गंध व बीमारी से बच सकें। उधर, इस विषय में व्यापार मंडल प्रधान अमर सिंह ने बताया कि बाजार की सफाई के लिए कर्मचारी रखा गया है। कूड़े को डंपिंग करने के लिए गड्ढे का प्रबंध किया जा रहा है।