Monday, July 22, 2019 01:21 AM

हादसे सक्रिय, पर हम नहीं

 जीवन धीमान, नालागढ़

प्रदेश में निजी बसों में ओवरलोडिंग के जिम्मेदार बस मालिक नहीं हैं, अपितु लोग खुद इसके लिए जिम्मेदार हैं। हर व्यक्ति जल्दी के चक्रव्यूह में फंसा हुआ है। कई बार ऐसा भी देखा गया है कि कंडक्टरों के लाख मना करने के बावजूद जबरन बस में चढ़ जाते हैं। प्रशासन हर समय बसों पर नजर नहीं रख सकता। हम लोगों को स्वयं जागरूक होना पड़ेगा। बस ड्राइवर-कंडक्टर भी लोगों के साथ अच्छे से पेश आएं। सरकार को हर रूट पर समय-समय पर बसें चलानी चाहिएं। अंधाधुंध स्पीड से चलने वाले और ड्राइविंग के दौरान मोबाइल फोन का प्रयोग करने वाले ड्राइवरों पर कार्रवाई की जाए। यहां तक कि कुछ निजी वाहन चालक भी ड्राइविंग के दौरान फोन का इस्तेमाल कर अपनी बुद्धिमता का परिचय देते  देखे जा सकते हैं। हमें स्वयं समझना होगा।