Monday, June 24, 2019 06:15 PM

हाल चुनावी साल का मंत्री के एक साल का : रामलाल मार्कंडेय; विधायक, लाहुल-स्पीति 

लोकसभा चुनाव में पूरा देश रंग चुका है, तो हिमाचल में सियासी पारा दिन प्रतिदिन चढ़ रहा है। लोकसभा चुनाव में विधायक द्वारा किए गए विकास को भी परखा जाता है, तो इस बार हम दखल के जरिए जानेंगे कि हिमाचल सरकार के कैबिनेट मंत्री डा. रामलाल मार्कंडेय ने सवा साल के कार्यकाल के दौरान किन प्रोजेक्टों को सिरे चढ़ाया और  कौन सी अहम परियोजनाएं या मुद्दे पीछे छूट गए..... शालिनी रॉय भारद्वाज

रामलाल मार्कंडेय; विधायक, लाहुल-स्पीति 

मतदाता- 23 हजार

1478 मतों से मारी बाजी

विधानसभा चुनावों में लाहुल-स्पीति में कांग्रेस और भाजपा में सीधी टक्कर थी। इस दौरान डा. रामलाल मार्कंडेय ने 7756 मत हासिल कर कांग्रेस के रवि ठाकुर को 1478  मतों से मात दे दी । रवि ठाकुर को कुल 6278 वोट मिले।

हिमाचल में जयराम सरकार का एक साल से ज्यादा का कार्यकाल हो चुका है। जयराम सरकार की कैबिनेट में कृषि मंत्री का ओहदा लाहुल-स्पीति के विधायक डा. रामलाल मार्कंडेय संभाल रहे हैं। विधायक मार्कंडेय ने कार्यभार संभालने के तुरंत बाद क्षेत्र की समस्याओं को दूर करने की पहल कर दी । हालांकि स्वास्थ्य के क्षेत्र में अभी बड़ी कामयाबी नहीं मिली है, लेकिन उनके प्रयास जारी हैं और आने वाले समय में लोगों को इसका फायदा जरूर मिलेगा। 32 हजार के लगभग आबादी वाले विधानसभा क्षेत्र की सबसे बड़ी मुश्किल सर्दियों में होती है, जब बर्फबारी से तमाम रास्ते बंद हो जाते हैं, तो आपातकाल में लोगों का घाटी से बाहर आना-जाना मुश्किल हो जाता है। बीमारी के समय तो मरीज को घाटी से बाहर अस्पताल पहुंचाना मुश्किल हो जाता है। हालांकि कृषि मंत्री का कहना है स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार किए जा रहे हैं और जल्द ही खाली पदों को भरा जाएगा। इसके अलावा कृषि मंत्री यहां एक मेडिकल कालेज खोलने को लेकर भी प्रयासरत हैं। वहीं क्षेत्र में बेहतर आवाजाही के लिए सड़कों का जाल बिछाया जा रहा है। शिक्षा के अलावा अन्य सभी क्षेत्रों में बेहतर सुविधाएं देने के लिए विधायक काम कर रहे हैं। बेशक कृषि मंत्री हलके में विकास के दावे कर रहे हों, लेकिन कांग्रेस इससे इत्तेफाक नहीं रखती । कांग्रेस नेता रवि ठाकुर का कहना है कि क्षेत्र के लोगों के प्रति प्रदेश सरकार लापरवाह है।

स्वास्थ्य के क्षेत्र में ज्यादा कुछ नहीं

हिमाचल  की जयराम सरकार ने प्रदेश के लोगों की समस्याओं का समाधान करने के लिए जनमंच सरीखे कार्यक्रम शुरू किए हैं, ताकि लोगों को घर-द्वार न्याय मिल सके।  प्रदेश के 11 जिलों में सरकार के जनमंच जनता के हित में सकारात्मक रहे हों, लेकिन प्रदेश के जनजातीय जिला लाहुल-स्पीति में अभी तक प्रदेश सरकार के कार्यकाल में स्वास्थ्य के क्षेत्र में कमी देखने को मिल रही है। हालांकि स्थानीय विधायक एवं सरकार में कृषि मंत्री  डा. राम लाल मार्कंडेय  ने भी  माना है कि एक साल में स्वास्थ्य के क्षेत्र में बहुत कुछ तो नहीं कर पाए हैं, लेकिन  डाक्टरों की कमी को पूरा करने में सफल रहे है। यानी अभी जिला में चंद ही डाक्टर्ज की कमी है।  मंत्री का दावा है कि रास्ता खुलने के बाद सभी खाली पदों को भर दिया जाएगा। 

सर्दियों के मौसम में बढ़ता है मर्ज

जिला लाहुल-स्पीति की आबादी 32 हजार से अधिक है, लेकिन आज भी लोग बेहतर स्वास्थ्य सुविधा के लिए जूझ रहे हैं।   लोगों को सर्दियों के मौसम में स्वास्थ्य सुविधा की सबसे ज्यादा दिक्कत रहती है  मार्ग बंद होने पर हवाई उड़ानें  भी समय पर नहीं मिल पातीं।  जनमंच में भी उनकी समस्या का समाधान न होने से लोग हताश हैं। 

नहीं मिला पर्याप्त मुआवजा

इस साल आई प्राकृतिक आपदा ने लोगों को 50 साल पीछे धकेल दिया है। लोग सितंबर माह से लेकर अब तक उभर नहीं पाए है। उन्हें यह भी मलाल है कि जो दावा सरकार ने सिंतबर माह में हुई ताबड़तोड़ बर्फबारी व बारिश से हुए नुकसान का मुआवजा देने किया था, लेकिन किसानों का आरोप है कि उन्हें मुआवजा नुकसान के मुकाबले बेहद कम मिला है।

बारिश-बर्फबारी से 130 करोड़ का नुकसान

एक साल में जिला लाहुल-स्पीति में भारी बर्फबारी व बारिश के कारण से किसानों को 130 करोड़ का नुकसान झेलना पड़ रहा है। इसमें बागबानी के क्षेत्र में 37 करोड़ और कृषि के क्षेत्र 18 करोड़ का नुकसान हुआ है।

लाहुल-स्पीति में चार जनमंच

जिला लाहुल-स्पीति में अब तक चार जनमंच हो चुके हैं, लेकिन अक्तूबर से  रोहतांग दर्रा बंद होने के चलते एक भी जनमंच  पांच माह में नहीं हुआ है। मंत्री की माने तो जनमंच में अभी तक  करीब 14 सौ शिकायतें आ चुकी हैं, जिनमें से अधिकतर का निपटारा हो चुका है।

एक बार भी लाहुल नहीं आए सीएम

प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर अभी तक सरकार बनने के बाद एक बार भी लाहुल-स्पीति का दौरा नहीं कर पाए। मंत्री की मानें तो अब तक हुए जनमंच में अधिकतर एरिया से बहुत कम शिकायतें आई हैं। उन्होंने कहा कि जिन शिकायतों का निपटारा नहीं हुआ है। उसे वह जाकर स्वयं देखेंगे और उन्हें जल्द पूरा करेंगे।

 म्याड़घाटी को बस शुरू

विधायक मार्कंडेय ने बेहतर परिवहन देने के लिए भी प्रयास किए । उन्होंने बस सुविधा से महरूम म्याड़घाटी के लिए नई बस सेवा शुरू की है, इससे क्षेत्र के कई गांवों को फायदा मिलेगा।

नहीं रोके पूर्व सरकार के काम

कृषि मंत्री का कहना है कि पूर्व सरकार के किसी भी प्रोजेक्ट को नहीं रोका है। हालांकि मुझे परियोजना रोकने का समय मिला, लेकिन मैंने ऐसा कुछ भी नहीं किया। उन्होंने कहा कि पूर्व विधायक ने लाहुल-स्पीति में कई जगह पर अपने परिवार के नाम की पट्टिकाएं लगाई हैं, जिसकी विभागीय जांच करवाई गई है। उन्होंने कहा कि किसी भी पटिट्का को मैंने नहीं निकाला।  मंत्री की मानें तो जो वादे उन्होंने चुनाव से पूर्व जनता से किए थे, उन्हें पूरा करने में जुटे है, जो भी समस्याएं उनके पास आती हैं, उनका हल किया जा रहा है।

हर गांव को सड़क से जोड़ने का इरादा

मंत्री राम लाल मार्कंडेय की मानें तो आने वाले समय में उनका विजन जिला लाहुल-स्पीति के लिए सबसे पहले उन छह गांवों को सड़क सुविधा से जोड़ना है, जो अभी सड़क सुविधा से वंचित हैं। इसी के साथ घाटी के लोगों का रुझान अधिक कृषि व उद्यान के क्षेत्र में हैं। इसी के साथ आने वाले कुछ समय में लाहुल-स्पीति में अंतरराष्ट्रीय स्तरीय की प्रतियोगिता करवाना है, ताकि आने वाले समय में लाहुल-स्पीति की पहचान साहसिक खेलों की ओर भी बन सके । इसी के साथ पर्यटन को बढ़ावा देते हुए लोगों की आर्थिकी को भी इस क्षेत्र में मजबूत करवाना है।

मेडिकल कालेज खुलवाने का इरादा

जिला लाहुल-स्पीति के मंत्री डाक्टर राम लाल मार्कंडेय मानते हैं कि एक साल में भले ही स्वास्थ्य के क्षेत्र में वह बहुत कुछ नहीं कर पाए हैं, लेकिन वह कहते हैं कि उन्हें इस बात की खुशी है कि अब जिला लाहुल-स्पीति के अधिकतर अस्पतालों में स्वास्थ्य कर्मचारी हों या डाक्टर अधिकतर खाली पद भरे जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि एलोपैथी में सभी जगह डाक्टरों की तैनाती हो चुकी है। आयुर्वेदिक में कुछ पद खाली हैं, जिसे जल्द मौसम खुलते ही भर दिया जाएगा। स्वास्थ्य के क्षेत्र में पहले के मुकाबले में सुधार हुआ है। पांच डाक्टरों व छह कंपोडर की जो कमी है, जिन्हें जल्द मौसम खुलते ही भर दिया जाएगा। आने वाले समय में स्वास्थ्य के क्षेत्र में लाहुल के बच्चे आगे आए। कुछ वर्षों में मेडिकल कालेज खोलने के प्रयास होंगे, ताकि लाहुल में ही हमें  सर्जन मिल सकें।

मंत्रियों के लिए घूमने का जरिया है जनमंच कार्यक्रम

कांगे्रस नेता रवि ठाकुर का तीखा प्रहार

जिला लाहुल-स्पीति के पूर्व विधायक रवि ठाकुर ने सरकार के जनमंच को पूरी तरह से नकारा है। उन्होंने कहा कि सरकार का जनमंच लोगों की समस्याओं का समाधान नहीं कर रहा है, बल्कि मंत्रियों के लिए सैर सपाटा करने के लिए एक बेहतरीन कार्यक्रम बना हुआ है। उन्होंने कहा कि अब तक हुए चार जनमंच का कोई भी लाभ जनता को नहीं मिला है। उनका कहना है कि चार जनमंचों में हालांकि लोगों की समस्या सुनी गई थी, लेकिन उस दौरान अधिकारियों को आदेश दिए गए थे। एक सप्ताह के भीतर सभी समस्याओं का समाधान होना चाहिए, लेकिन लाहुल-स्पीति में ऐसा कुछ भी नहीं हुआ है। लोग आज भी उन्हीं पुरानी समस्याओं के दौर से गुजर रहे हैं। आज चाहे लाहुल-स्पीति स्वास्थ्य सुविधाओं की बात की जाए। चाहे सर्दियों के मौसम में हेलिकाप्टर की बात की जाए, या सड़क सुविधा की तो यह तमाम सुविधाएं पूरी तरह से हवा हवाई साबित हुई है। उनका कहना है कि जहां डाक्टर न होने से लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, दूसरी तरफ सरकार लाहुल-स्पीति जिला के लिए नियमित रूप से हेलिकाप्टर उड़ानें नहीं कर पा रही है।  यह जनता के साथ किसी बड़े अन्याय से कम नहीं है। उन्होंने कहा कि पूर्व कांग्रेस सरकार ने लाहुल-स्पीति के लिए नियमति रूप से उड़ानें शुरू कर रखी थीं। एक दिन में 70 से 80  लोगों को रोहतांग से हेलिकाप्टर के माध्यम से आर-पार किया जाता था। वहीं, आपात स्थिति में सेना के हेलिकाप्टर से भी यहां की जनता को सुविधा मुहैया करवाई जाती थी।

हेलिकाप्टर का 14 करोड़ बजट बहाल

लाहुल का जनजातीय बजट, जो लाहुल के लिए 44 करोड़ 78 लाख व स्पीति के लिए 41 करोड़ 27 लाख मिलता है। इसमें से करीब 14 करोड़ बजट हेलिकाप्टर के लिए कटता था। उस बजट को बहाल करवाया है। अब इस खर्चे को सरकार कर रही है, जो कि लाहुल के लिए एक बहुत बड़ी राहत  है। इसके अलावा सरकार के साथ 118 करोड़ को पावर कारपोरेशन पर खर्च होते हैं, उसे लेकर सरकार से बात चल रही है। इसका भी जल्द समाधान किया जाएगा। इसी के साथ मंत्री ने अभी तक अपने एक साल के कार्यकाल में बजट में बढ़ोतरी की है। जहां पर लाहुल का बजट अब 40 करोड़ पहुंचने वाला है। विधायक बनने के बाद जो भी वादे किए थे, उन्हें पूरा करने की कोशिश की जा रही है। इसके साथ लाहुल में कृषि पर जो 39 लाख खर्च हुआ करता था, उस पर अभी तक 14 करोड़ रुपए खर्च किए जा चुके हैं। इसी के साथ पहली बार लाहुल के किसानों को 518पावर टिल्लर और 978 स्प्रींकलर बांटे गए थे।  इसी के साथ पोली हाउस बनाने के लिए भी 50 लाख तक की राशि मुहैया करवाई गई और साथ ही पहली बार उद्यान विभाग में भी जायका के तहत  बजट का प्रावधान करवाया गया। इसी के साथ लाहुल में किसानों को नई किस्म के सेब लगाने को लेकर भी तैयारी की है।  लाहुलवासियों का भविष्य कृषि व पर्यटन पर निर्भर है और इस क्षेत्र में युवाओं के लिए भी बेहतर साधन हैं। ऐसे में आने वाले समय में रोहतांग टनल खुलने के बाद मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना के तहत भी लाहुल-स्पीति के लोग अपना कारोबार होटल की ओर बढ़ाए, इसके लेकर योजना तैयार की है। लाहुल-स्पीति के लोग पर्यटन को बढ़ावा देते हुए लाहुल में होटल बनाए। क्योंकि आने वाले समय में अब सैलानी लाहुल-स्पीति की वादियां में पहुंचेगा। मंत्री की मानें तो लाहुल-स्पीति में रहने वाले लोग ही होटल बना सकते हैं। किसी बाहरी राज्य के व्यक्ति को लीज देने की जरूरत नहीं होगी। बहरहाल कृषि मंत्री विधानसभा क्षेत्र के विकास को तवज्जो दे रहे हैं।  उनका कहना है कि  जिस उम्मीद के साथ लोगों ने उन्होेंने चुना है, वह भी उनकी उम्मीदों पर खरा उतरने की पूरी कोशिश करेंगे ।

कारगा में खोली सब्जी मंडी

विधायक रामलाल मार्कंडेय ने क्षेत्र के किसानों की सुविधा के लिए कारगा में सब्जी मंडी भी खुलवाई है, ताकि किसानों को अपने उत्पादों को बेचने में ज्यादा मुश्किलों का सामना न करना पड़े। इसके अलावा उदयपुर-थिरोट के लिए बिजली की नई एचटी लाइन बिछाई जा रही है, ताकि लोगों को बिजली की दिक्कतों से न जूझना पड़े। इसके अलावा विधानसभा क्षेत्र में मांग अनुसार बिजली के ट्रांसफार्मर भी लगाए गए हैं।