Monday, June 24, 2019 05:39 PM

हाल चुनावी साल का विधायक के एक साल का   

केंद्र की मोदी सरकार सत्ता मेंपांच साल का कार्यकाल पूरा करने जा रही है और एक बार फिर से राजनीतिक दल चुनावी रणक्षेत्र में कूदने को तैयार हैं। दूसरी ओर हिमाचल प्रदेश में भी जयराम सरकार करीब सवा साल पूरा कर चुकी है। इस बीच विधानसभा क्षेत्रों में विकास की रफ्तार व सुशासन की डगर परखने के लिए ‘दिव्य हिमाचल’ ने विधानसभा क्षेत्र स्तर पर पड़ताल शुरू की है। इस कड़ी में दखल के जरिए जिला ऊना के कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र की सूरत-ए- हाल पेश कर रहे हैं कृष्णपाल शर्मा..

लोकसभा चुनावों के नजदीक आते ही संबंधित क्षेत्रों के प्रतिनिधियों ने भी केंद्र में सरकार बनाने के लिए अभी काम करना शुरू कर दिया है, क्योंकि विधानसभा क्षेत्र में किए गए विकास कार्य चुनावी नतीजों पर खासा असर डालते हैं।इसी तरह हिमाचल प्रदेश के जिला ऊना के कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र से लगातार चौथी दफा जीत दर्ज कर प्रदेश सरकार में ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज,पशु पालन व मत्स्य पालन मंत्री वीरेंद्र कंवर ने गोसेवा व गांवों के विकास को अपना मूल एजेंडा बनाकर क्षेत्र में विकास कार्यों को आगे बढ़ाया है। राज्य सरकार के मंत्री के रूप में उनको मिले विभाग भी उनके एजेंडे को धरातल पर मूर्तरूप देने में सहायक साबित हो रहे हैं। इसी कड़ी में उन्होंने विधानसभा ोत्र में तकरीबन 250 करोड़ के विकास कार्याें को स्वीकृत करवाया है। खेत से लेकर घर पानी की उचित व्यवस्था को दुरुस्त करने में जुटे हैं। अगर स्वास्थ्य सेवाओं की बात की जाए तो पैरामेडिकल स्टाफ के  खाली पदों को भर कर लोगों को राहत देने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।  उधर, कांग्रेस विधानसभा क्षेत्र में हुए विकास कार्याें से बिलकुल इत्तफाक नहीं रखता। विपक्षी पार्टी का मानना है कि भाजपा सरकार अपने चुनावी वादे पूरी करने में नाकाम रही है। कांग्रेस का कहना है कि भाजपा सरकार ने किसानों के लिए सबसे बड़ी मुश्किल बनी बंदरों की समस्या से निजात नहीं दिला पाई है, जिसका लोगों में आक्रोश है। लोकसभा चुनाव में मतदाता इसका जवाब देंगे।

कुटलैहड़

विधानसभा क्षेत्र

81589

कुल मतदाता

116

कुल बूथ

बंगाणा को मिनी सचिवालय, डूमखर में सब्जी मंडी

कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के पहले दौरे के दौरान ही उपमंडल मुख्यालय बंगाणा में मिनी सचिवालय भवन व डूमखर में सब्जी मंडी खोलने की घोषणा हुई। थानाकलां व लठियाणी के लिए दो नए पशु अस्पताल खोलने की घोषणा हुई,जिसे एक साल के भीतर ही अमलीजामा भी पहना दिया गया। इसके अलावा 70 करोड़ रुपए की विभिन्न सड़कें क्षेत्र के लिए घोषित की गईं। गौरतलब है कि  किसी भी क्षेत्र के विकास में सड़कों का अहम रोल रहता है। लोगों की इसी  जरूरत को देखते हुए वीरेंद्र कंवर ने क्षेत्र में सड़कों के विस्तार को काफी तवज्जों दी है और करोड़ों रुपए सड़कों के लिए मंजूर करवाए हैं।

बंगाणा में 50 बेड का सिविल अस्पताल, रिक्त पद भरे

कुटलैहड़ विस क्षेत्र में हैल्थ सेक्टर को मजबूती देने के लिए प्रभावी पग उठाए गए हैं। वीरेंद्र कंवर ने लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देने के लिए अहम पग उठाए हैं। इसी कड़ी में उन्होंने  बंगाणा सीएचसी को स्तरोन्नत करके 50 बेड सिविल अस्पताल बनाया गया, जबकि थानाकला सीएचसी में चिक्तिसकों व पैरामेडिकल के पदों को बढ़ाया गया,जबकि थानाकलां व लठियाणी में दो नए पशु अस्पताल खोले गए, ताकि संबंधित क्षेत्र के पशुपालकों को राहत मिल सके।

550 युवाओं को दिया रोजगार स्वरोजगार से जोड़े 100 परिवार

आज के दौर में बेरोजगारी सबसे बड़ा मुद्दा है क्योंकि रोजगार के मुकाबले बेरोजगारों की संख्या बढ़ती जा रही है। इसी प्रमुख समस्या को देखते हुए कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र में युवाओं को रोजगार में समाहित करने के लिए विभिन्न गतिविधियों का संचालन किया जा रहा है। थानाकलां में रोजगार मेले का आयोजन किया गया,जिसमें अढ़ाई हजार से अधिक युवाओं ने शिरकत की, वहीं 550 युवाओं को विभिन्न उद्योगों व कंपनियों में रोजगार के लिए चयनित किया गया। इसके अलावा युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने पर भी प्रयास किए गए हैं। इसी सिलसिले में क्षेत्र के 100 से अधिक परिवारों को बकरी पालन से जोड़कर स्वरोजगार की अलख जगाई गई। इसके अलावा मत्सय पालन,पशुपालन व अन्य गतिविधियों को भी बढ़ाया देकर युवाओं को गांव की चौखट पर ही रोजगार के अवसर सृजित करने के प्रयास किए गए हैं।

साल में एक ही बार कुटलैहड़ आए मुख्समंत्री जयराम ठाकुर

प्रदेश में भाजपा सरकार के सवा साल के कार्यकाल में मात्र एक दफा मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर कुटलैहड़ विस क्षेत्र के प्रवास को पहुंच पाएं हैं। हालांकि स्थानीय विधायक क्षेत्र के विकास को खूब तरजीह दे रहे हैं।

मंदली के जनमंच में पहुंची 344 शिकायतें, 338 सॉल्व

प्रदेश सरकार का लोकप्रिय कार्यक्रम जनमंच पहली दफा कुटलैहड़ विस क्षेत्र के तहत मंदली ग्राम पंचायत में संपन्न हुआ था। तीन मार्च को दूसरी दफा विस क्षेत्र में जनमंच का आयोजन होगा। पहले जनमंच में कुल 344 शिकायतें व मामले सरकार के समक्ष आए,वहीं लोगों ने जनमंच में 457 मांगे भी उठाई। इनमें से 338 शिकायतों का निपटारा कर दिया गया है, जबकि अभी भी छह शिकायतें विचाराधीन है। इसके अलावा 195 मांगें भी पेंडिंग हैं।

सियासत की भेंट चढ़ गया लठियाणी-मंदली पुल

कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र में कई महत्त्वाकांक्षी परियोजनाएं ठंडे बस्ते में पड़ी हुई हैं। लठियाणी-मंदली पुल पर लंबे अरसे से भाजपा व कांग्रेस में राजनीतिक बयानबाजी होती रही है, लेकिन धरातल पर इसके लिए कुछ नहीं हुआ। इस पुल के बनने से लठियाणी-मंदली के बीच 20 किलोमीटर की दूरी कम होगी। वहीं, लोगों को झील में नाव के माध्यम से असुरक्षित यात्रा से भी निजात मिलेगी।

बंगाणा-धनेटा टनल ठंडे बस्ते में

बंगाणा - धनेटा के बीच सुरंग का कार्य भी ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है। पूर्व धूमल सरकार ने इसकी घोषणा की थी,लेकिन राज्य में सत्ता बदलने के बाद इस पर कोई प्रगति नही हुई,॒ वहीं अब जयराम सरकार में भी इस पर कोई सकारात्मक पग नहीं उठाया गया है। अब लोगों को प्रदेश की जयराम सरकार से बड़ी उम्मीद है कि मुख्यमंत्री उनकी मांग पर कोई प्रभावी हल निकालेंगे।

ट्रिपल आईटी, सीएसडी कैंटीन एमसी सरीखे प्रोजेक्ट छिटके

कुटलैहड़ विस क्षेत्र की गिनती जिला ऊना के दुर्गम व पिछले क्षेत्र में की जाती है। क्षेत्र का दुर्भाग्य रहा है कि यहां के लिए जो भी बड़े प्रोजेक्ट आए या फिर जिन पर विचार हुआ,वे धरातल पर टिंक नही पाए। विधानसभा क्षेत्र में कई ऐसे प्रोजेक्ट भी हैं, जो सियासत की भेंट चढ़ गए , बेशक ऐसे प्रोजेक्टों के छिटकने के कारण कुछ भी रहे हों, लेकिन अगर ये सारी योजनाएं सिरे चढ़ जातीं, तो क्षेत्र के लोगों को बड़ा फायदा मिल सकता था । गौरतलब है कि कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र के लमलैहड़ी के लिए स्वीकृत ट्रिपल आईटी प्रोजेक्ट प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद कांग्रेस सरकार में हरोली विधानसभा के सलोह में चला गया, जबकि बसाल के लिए प्रस्तावित मेडिकल कालेज के आड़े फोरेस्ट क्लीयरेंस आ गई। कुटलैहड़ के बरनोह में सीएसडी डिपो व क्रिकेट स्टेडियम का प्रस्ताव भी काफी समय तक हिचकोले खाने के बाद छिटक गया।

प्लाहटा में खुलेगा प्रदेश का पहला अटल आदर्श आवासीय विद्यालय 

कुटलैहड़ के प्लाहटा ग्राम पंचायत में प्रदेश का पहला अटल आदर्श आवासीय विद्यालय खोला जाएगा। इसके साथ ही पहली दफा कुटलैहड़ विस क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए गंभीर प्रयास हुए हैं। इसी के तहत गोबिंदसागर झील के किनारे वाटर टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए उपायुक्त ऊना की अध्यक्षता में कुटलैहड़ पर्यटन विकास समिति का गठन किया गया। उक्त समिति वाटर टूरिज्म को बढ़ावा देने के अलावा वे-साइड एमिनिटिस विकसित करने पर काम करेगी,वहीं क्षेत्र में वन सरोवर,पर्यटकों के लिए कैंपिंग साइटस विकसित करने,ट्रैकिंग रूट चिन्हित कर तैयार करने के कार्य किए जाएंगे। अगर यह सभी प्रोजेक्ट सिरे चढ़ते हैं, तो आने वाले दिनों में  क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ने से बेरोजगारी से छुटकारा मिलेगा।

विपक्ष की नजर में प्रदेश सरकार का कार्यकाल निराशाजनक

विवेक शर्मा, सचिव हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी

प्रदेश सरकार का एक साल का कार्यकाल पूरी तरह से निराशाजनक रहा है। कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र की जनता से किए गए वादों पर कोई सकारात्मक पग नही उठाया गया। स्थानीय विधायक विरेंद्र कंवर राज्य सरकार में मंत्री होने के बावजूद क्षेत्र के विकास के लिए कोई ठोस कार्य एक साल में नही करवा पाए हैं।  कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र में पेयजल समस्या का हल नही निकल पाया। स्वास्थ्य संस्थानों में स्टाफ की कमी रही। बेसहारा पशु सड़कों पर  घूम रहे हैं। बंदरो के उत्पात से लोग दुखी है। बोल में वानर नसंबदी केंद्र लोगों के लिए परेशानी का सबब बन चुका है। सीएम की घोषणा के एक साल बाद भी मिनी सचिवालय बंगाणा में एक ईंट तक नही लगी। क्षेत्र में नशा व वन माफिया सक्रिय  ही है।

मेरी प्राथमिकता युवाओं को रोजगार

ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री वीरेंद्र कंवर अपने क्षेत्र के युवाओं को स्वरोजगार के साथ जोड़कर आर्थिक तौर पर स्वावलंबी बनाना चाहते हैं। वीरेंद्र कंवर के अनुसार गांव स्तर पर पशुपालन, मत्स्य पालन, कृषि, बागबानी और पर्यटन क्षेत्र में सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को रोजगार प्रेरक बनाकर युवाओं को इससे लाभान्वित करना मुख्य लक्ष्य है। विधानसभा क्षेत्र में पेयजल व सिचांई की व्यवस्था को सुदृढ़ करना, सड़कों का जाल बिछाना, गोेबिंदसागर झील को पर्यटन के केंद्र के रूप में विकसित करने, युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए खेलों को बढ़ावा देने के लिए वह आने वाले सालों में कार्य करेंगे। थानाकलां में बनने वाले गोकुल धाम को पंचायतीराज मंत्री किसानों व पशुपालकों के साथ-साथ क्षेत्रवासियों के लिए एक महत्त्वाकांक्षी प्रोजेक्ट मानते हैं। वीरेंद्र कंवर ने कहा कि इस प्रोजेक्ट से न केवल देशी गोवंश के संरक्षण व संवद्धर्न के लिए कार्य होगा, बल्कि इससे गोवंश को पशुपालकों के लिए लाभ का सौदा बनाकर उसे सड़कों पर बेसहारा घूमने से रोककर किसान के आंगन में खूंटे में बांध पाने में भी सफलता मिल पाएगी। श्री कंवर के अनुसार कुटलैहड़ विस क्षेत्र में पर्यटन की अपार संभावनाएं मौजूद हैं। विशेषकर मंदली, रायपुर, लठियाणी तक झील के किनारे घाटों पर पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए विशेष पग उठाए जाएंगे। इस दिशा में कार्य भी शुरू किया गया है। उपायुक्त ऊना की अध्यक्षता में कुटलैहड़ पर्यटन विकास समिति का गठन किया गया है, जो कि क्षेत्र में वाटर स्पोर्ट्स, वे-साइड एमिनिटिस, बच्चों के लिए एम्युसमेंट पार्क  के अलावा पर्यटकों के लिए कैंपिंग साइट्स विकसित करने के लिए कार्य करेगी। ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री वीरेंद्र कंवर ने आने वाले समय के लिए एक अच्छा विजन तैयार किया है अगर ये सभी योजनाएं सिरे चढ़ती है तो निःस्देह लोगों को बड़ा फायदा होगा।

एक साल में कुटलैहड़ के लिए अढ़ाई सौ करोड़

बंगाणा में दस करोड़ से विकसित होेंगे सात खेल के मैदान हर खेत तक पानी पहुंचाने के लिए लगेंगे दस नलकूप रामगढ़ धार पेयजल योजना पर खर्च होंगे 14 करोड़

प्रदेश सरकार के एक साल से अधिक के कार्यकाल में कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र में विकास को नई रफ्तार मिली है। कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र के तहत 58 ग्राम पंचायतों में इस अवधि के दौरान 250 करोड़ रुपए के विकास कार्यों की स्वीकृति प्रदान हुई है। सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली, पेयजल व सिंचाई, ग्रामीण विकास, पशुपालन, मत्स्य पालन सहित लगभग हर क्षेत्र में विकास कार्यों को गति दी गई। बंगाणा सीएचसी को 50 बिस्तर क्षमता के सिविल अस्पताल में स्तरोन्नत किया गया, वहीं सीएचसी थानाकलां में चिक्तिसकों व पैरामेडिकल स्टाफ के अतिरिक्त पदों को सृजित कर भरा गया है। थानाकलां व लठियाणी में दो पशु अस्पताल खोले गए। क्षेत्र के अनेकों स्कूल भवनों के लिए बजट मुहैया करवाकर ढांचागत विकास को गति दी गई। युवाओं को खेलों के प्रति आकर्षित करने के लिए बंगाणा उपमंडल में सात खेल मैदान विकसित करने के लिए 10 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए।  युवाओं को नशे से दूर करने के लिए दो दर्जन से अधिक जिम खोले गए हैं। बिजली की कम वोल्टेज की समस्या को दूर करने के लिए नए ट्रांसफार्मर लगाए जा रहे हैं। क्षेत्र में पीने के पानी की समस्या के स्थायी निदान के लिए एक दर्जन नई पेयजल योजनाएं व हर खेत तक जल पहुंचाने के लिए 10 नए सिंचाई नलकूप लगाए जा रहे हैं। वहीं, बरसाती पानी को सिंचाई के लिए प्रयोग में लाने हेतु आधा दर्जन से अधिक चैकडैम भी बनाए जा रहे हैं। रामगढ़ धार पेयजल योजना पर 14 करोड़ रुपए व्यय किए जा रहे हैं। आईपीएच विभाग में एक साल में 30 करोड़ रुपए की परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। हर गांव को पक्के रास्ते से जोड़ने के लिए 70 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत हुई है। पंचायतों में विकास कायर्ोें को गति दी गई है। बहरहाल, हिमाचल की मौजूदा सरकार लोगों को बेहतर सुविधाएं देने में जुटी है। जहां तक बात कुटलैहड़  क्षेत्र की बात है तो मौजूदा विधायक एवं मंत्री वीरेंद्र कंवर क्षेत्र के विकास को तरजीह दे रहे हैं। अब देखना यह है कि लोकसभा चुनाव में वीरेंद्र कंवर के विकास कार्याें का इनाम मतदाता कैसे देते हैं।

थानाकलां में बनेगा प्रदेश का पहला गोकुल ग्राम

हिमाचल प्रदेश में 35 करोड़ रुपए की लागत से पहला गोकुल ग्राम कुटलैहड़ विस क्षेत्र के थानाकलां में स्थापित होगा। इसके लिए केंद्र व राज्य सरकारों ने अपनी स्वीकृति प्रदान की है। इस प्रोजेक्ट के तहत थानाकलां में गोकुल ग्राम की स्थापना होगी, जिसमें 60 प्रतिशत देशी गोवंश का संरक्षण व संवर्द्धन होगा, वहीं 40 प्रतिशत बेसहारा गो वश्ां को आश्रय प्रदान किया जाएगा। इसमें एक पशु डिस्पेंसरी का भी प्रावधान होगा।  कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र के तहत बरनोह पंचायत में 10 करोड़ रुपए की लागत से मुर्राह नस्ल सुधार केंद्र की स्थापना होगी। इसमें उम्दा भैंसों की नस्ल मुर्राह से पशु पालकों को लाभान्वित करने के लिए कार्य होगा। इससे पशुपालकों की आय में इजाफा होगा।