Wednesday, October 23, 2019 08:49 AM

हिंदोस्तान-तिब्बत रोड अब भी ठप

रिकांगपिओ —लोक निर्माण विभाग की लेट लतीफी के चलते किन्नौर जिला के मीरु, यूला, उरनी पंचायत क्षेत्रों के ग्रामीणों को चौथे दिन भी राहत नहीं मिल पाई। क्षेत्र के ग्रामीण बीते चार दिनों से जानजोखिम में डाल कर रांगले नामक स्थान पर अवरुद्ध मार्ग को पार कर रहे है। बता दे कि चार रोज पूर्व से क्षेत्र की ऊंची पहाडि़यों में हो रही बारी बारिश के कारण यूला खड्ड का जल स्तर काफी बढ़ गया है। खड्ड का पानी इतना अधिक हो चला है कि रांगले के पास पानी अस्थाई पुल के ऊपर से बेह रहा है। पानी का जल स्तर काफी ज्यादा होने से न तो वाहन खड्ड को पार कर पा रहे है और न ही राहगीरों से खड्ड पार हो पा रहा है। अब तक कई बार अवरुद्ध मार्ग को बहाल करने के बारे में स्थानीय पंचायत द्वारा पीडब्ल्यूडी विभाग को अवगत करवाने के बाद भी विभाग ने मामले पर कोई बड़े स्तर पर गंभीरता नहीं दिखाई। अब जब मामला मीडिया में सुर्खियां बनता देख विभाग के अधिकारियों ने स्वयं घटना स्थल का दौरा करना शुरू कर दिया। एसडीओ सब डिविजन टापरी संजीव नड्डा ने बताया कि मंगलवार को स्वंय जेई के साथ घटना स्थल दौरा कर जायजा लिया गया है। उन्होंने बताया कि अस्थाई पुल के नीचे कलवटो के चोक होने का कारण खड्ड का पानी पुल के ऊपर से बेहना शुरू हो गया है। जेसीवी मशीन से यह कार्य नहीं हो पाएगा इस लिए बुधवार को बड़े स्तर का मशीन पहुंचा कर अवरुद्ध मार्ग को बहाल करने का हर संभव प्रयास किया जाएगा। उन्होंने बताया कि यदि इस से भी बात नहीं बनती है तो और भी कई विकल्प तलाशे जाएंगे। पुराना हिंदुस्तान-तिब्बत सड़क मार्ग के बहाली में हो रही देरी को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा पीडब्ल्यूडी विभाग के प्रति बढ़ता जा रहा है। पंचायत प्रधान मीरु किरण कुमारी नेगी ने बताया कि पीडब्ल्यूडी विभाग को अब तक कई बार मार्ग बहाली हेतु अवगत करवाने के बाद भी विभाग ने अब तक खाना पूर्ति के अलावा बड़े स्तर पर कोई ततपरता नहीं दिखाई है। मीरु पंचायत पीडब्ल्यूडी विभाग के अब तक के इस कार्य से संतुष्ट नही है। उन्होंने बताया कि पंचायत ने अपने स्तर पर जेसीबी मशीन मंगवा कर अवरुद्ध मार्ग को बहाल करने का भी प्रयास किया गया लेकिन मार्ग बहाल नहीं हो पाया है। उन्होंने बताया कि पीडब्ल्यूडी विभाग भावानगर डिविजन की कार्य प्रणाली बारे प्रदेश सरकार के आगामी जनमंच कार्यक्रम के दौरान प्रदेश सरकार के मंत्री के समुख संबंधित अधिकारी से सीधा सवाल पूछा जाएगा।