Sunday, September 15, 2019 01:00 PM

हिंसा भारत की संस्कृति नहीं

राजेश कुमार चौहान

कोई भी धर्म हिंसा की शिक्षा नहीं देता और जो धर्म की आड़ में हिंसा, नफरत फैलाते हैं, उन्हें धर्म का असली मतलब पता नहीं होता।  हमारे देश में मॉब लिंचिंग के मामले बढ़ना देश की सबसे बड़ी भावना अनेकता में एकता के लिए भी उचित संकेत नहीं है। न हिंदू बुरा है, न मुसलमान बुरा है, बुरा तो वह है जो इनसानियत के बर्खलाफ चलता है। अगर सरकार हिंसक भीड़ के लिए सख्ती दिखाए, कानून किसी राजनेता या सत्ताधारी के हाथ की कठपुतली न बनते हुए कानून को अपने हाथ में लेने वालों पर एकदम उचित कार्रवाई करे, तो देश में कभी भी भीड़ किसी की जान न ले।