हिमाचल की नई पहल

आशीष बहल 

लेखक, चंबा से हैं

हिमाचल प्रदेश भारत में अपनी एक अलग पहचान रखता है। हिमाचल को आज तक एक पर्यटन राज्य के रूप में देखा जाता रहा है। यहां पर अधिकतर लोग कृषि पर या फिर सरकारी नौकरी पर आश्रित रहते हैं। हिमाचल अपने प्राकृतिक सौंदर्य और कई हर्बल जड़ी-बूटियों के लिए विश्व विख्यात रहा है। हिमाचल अब आने वाले दिनों में एक नई कहानी लिखने जा रहा है। हिमाचल सरकार द्वारा ग्लोबल इन्वेस्टर मीट हिमाचल जैसे एक छोटे राज्य के लिए बड़ी उपलब्धि है। हिमाचल सरकार इसे कामयाब बनाने के लिए भी पूरी तरह तैयार नजर आ रही है। ये कहना तो शायद जल्दबाजी होगी कि इससे हिमाचल को कितना और किस तरह का लाभ होगा, परंतु इस इन्वेस्टर मीट से हिमाचल को एक नई पहचान मिलेगी जिससे हिमाचल पहले अछूता था। हिमाचल में आज तक व्यापारिक दृष्टि से रोजगार के साधन तलाशे नहीं जाते थे। हिमाचल को एक ऐसे राज्य के नाम से जाना जाता है जहां अधिकतर लोग सरकारी नौकरी पर और कृषि पर ही आश्रित रहते हैं। यही कारण है कि हिमाचल जैसे छोटे राज्य से लगातार प्रतिभा का पलायन हो रहा है। इस इन्वेस्टर मीट में जहां 28 देशों के राजदूत हिस्सा ले रहे हैं तो वहीं 209 विदेशी मेहमानों समेत 1800 के लगभग मेहमान हिस्सा लेंगे जिसमें देश विदेश के उद्योगपति होंगे। इसमें सबसे बड़ी बात है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की सक्रिय भूमिका। इस इन्वेस्टर मीट का सबसे बड़ा आकर्षण स्वयं प्रधानमंत्री जी हैं जो कि 7 नवंबर को देश-विदेश के उद्यमियों को हिमाचल की ओर आकर्षित करेंगे। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के लिए यह एक बढि़या पहल साबित हो सकती है क्योंकि इससे पहले शायद ही हिमाचल की छवि को इस तरीके से रखने का प्रयास किया गया होगा। हिमाचल सरकार का यहां पूरा ध्यान होगा कि हिमाचल में निवेशकों को उद्योग इत्यादि स्थापित करवाने के लिए भूमि उपलब्ध करवाई जाए तथा हिमाचल में बिजली खूब पैदा होती है, इसलिए सस्ते दामों पर बिजली उपलब्ध करवाई जाए। यहां निवेशक अपना 100 प्रतिशत निवेश कर सकें। हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में धौलाधार की चमकती पहाडि़यों के बीच इन्वेस्टमेंट के नए आयाम तलाशे जाएंगे। इस इन्वेस्टर मीट में जो मुख्य बिंदु हैं वो हैं पर्यटन, हर्बल, जड़ी-बूटियों को व्यापार में प्रयोग तथा इससे रोजगार के अवसर तलाशना रहेगा। आज हिमाचल का युवा पढ़ा लिखा है। हम साक्षर राज्यों में अग्रणी हैं। यहां का हर युवा आज अच्छी डिग्री लिए बैठा है परंतु बेरोजगारी यहां मुख्य समस्या है। इतनी पढ़ाई करने के बाद भी रोजगार नहीं मिल पा रहा। जो रोजगार मिलता भी है वो बाहरी राज्यों में क्योंकि हिमाचल में न तो कोई अंतरराष्ट्रीय आईटी इंडस्ट्री है और न ही बढि़या जॉब देने वाली बड़ी कंपनियां। ऐसे में यहां का युवा पढ़-लिख कर बाहरी राज्यों में पलायन करता है और इस तरह हिमाचल की प्रतिभा का भी पलायन हो रहा है। इन्वेस्टर मीट से जहां रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, वही यहां के युवाओं को हिमाचल में ही अंतरराष्ट्रीय कंपनियां जॉब के लिए मिल जाएगी। उद्योग स्थापित होने से यहां के व्यापार को भी पंख लगेंगे छोटे-छोटे व्यापारी भी अपने व्यापार को बढ़ा पाएंगे।