Monday, August 26, 2019 11:31 AM

हिमाचल दूसरे राज्यों को सिखाएगा प्राकृतिक खेती

 शिमला -प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए बजट में घोषणा की है, जिस पर अब केंद्र सरकार ने हिमाचल की मदद मांगी है। प्रधानमंत्री की इस घोषणा के मुताबिक दूसरे राज्यों में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश के मास्टर ट्रेनरों की जरूरत है। खुद केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर ने प्रदेश के कृषि मंत्री डा. रामलाल मार्कंडेय के सामने यह प्रस्ताव रखा है, जिस पर हिमाचल ने भी हामी भर दी है। जल्द ही प्रदेश के मास्टर ट्रेनर दूसरे राज्यों में जाकर वहां पर प्राकृतिक खेती का पाठ पढ़ाएंगे। राज्य में कृषि विभाग ऐसे 3400 मास्टर ट्रेनर तैयार कर चुका है, जिनको अब बड़ी जिम्मेदारी देने की तैयारी है। ये लोग हिमाचल में भी किसानों व बागबानों को प्राकृतिक खेती के बारे में सिखा रहे हैं, जो अब दूसरे राज्यों में जाकर वहां के किसानों को भी यह सीख देंगे। वे बताएंगे कि किस तरह से प्राकृतिक खेती की जा सकती है और इसके नतीजे कैसे हैं, क्योंकि हिमाचल प्रदेश में प्राकृतिक खेती शुरू हो चुकी है और लोग बड़ी संख्या में इससे जुड़ने शुरू हो गए हैं। किसानों व बागबानों को रसायनयुक्त खेती से दूर कर उन्हें प्राकृतिक खेती पर निर्भरता को बढ़ाया जा रहा है। हिमाचल प्रदेश में राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने इसकी शुरुआत की थी और उनके प्रयासों के बाद यहां काफी ज्यादा बदलाव भी आया है। इसी पेटर्न को केंद्र सरकार ने फॉलो करने की सोची है, लिहाजा वार्षिक बजट में इसके लिए घोषणा की गई है। राज्य में प्राकृतिक खेती के लिए पहाड़ी गाय का इस्तेमाल करने का प्रचलन चल रहा है। खुद प्रदेश सरकार इस पर 25 हजार रुपए की सबसिडी तक देने को तैयार है, जिसका लाभ उठाने के लिए लोग आवेदन भी करने लगे हैं। पहाड़ी गाय प्राकृतिक खेती के लिए लाभदायक है, जिसका गो मूत्र जहां सिंचाई के लिए तैयार होता है, वहीं उसके गोबर के भी खेती के लिए कई गुण हैं। इनसे मिलाकर एक जीवाश्म तैयार करने का गुर यहां आचार्य देवव्रत व सुभाष पालेकर ने सिखाया है, जो कि खुद अपने यहां पर प्राकृतिक खेती कर रहे हैं। ऐसे में अब देश के दूसरे राज्यों को भी हिमाचल यह पाठ पढ़ाएगा। सरकार यहां से मास्टर ट्रेनर भेजेगी और उन्हें इन्सेंटिव देने के बारे में भी सोचेगी।