Friday, September 20, 2019 01:05 AM

हिमाचल में छह और मौतें

*  बारिश के चलते पटरी पर नहीं लौट रही जिंदगी *  1088 सड़कें बंद ठ्ठ मणिमहेश में बर्फबारी से और बिगड़े हालात *  25 तक खराब मौसम का दौर * चंबा के स्कूलों में आज भी छुट्टी

भरमौरभारी बारिश के चलते ओवरफ्लो हुई मणिमहेश झील

शिमला - हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश के चलते जिंदगी पटरी पर लौटने को नाम नहीं ले रही है। भारी बारिश से बद से बदतर हुए हालातों के बीच सोमवार को भी प्रदेश भर में छह और मौतें हुई हैं। इनमें से जिला शिमला में तीन तथा चंबा, हमीरपुर व कुल्लू में एक-एक मौत हुई है। राज्य में बारिश से मौतोें का आंकड़ा 49 तक पहुंच गया है। राज्य में हालात अभी सुधरने वाले भी नहीं हैं, क्योंकि मौसम विभाग ने 25 अगस्त तक प्रदेश में मौसम खराब रहने का पूर्वानुमान जारी किया है।  राज्य में जगह-जगह भू-स्खलन होने से जनजीवन की रफ्तार थम सी गई है। राज्य में अब भी 1088 मार्ग अवरुद्ध पड़े हुए हैं। ऐसे में जिंदगी को पटरी में लौटने के लिए कुछ और दिनों का समय लगेगा। भारी बारिश से समूचे राज्य में अफरातफरी का माहौल बना हुआ है। नदी-नाले उफान पर हैं। कई जगह बिजली-पानी की व्यवस्था ठप पड़ी हुई है। मानसून ने राज्य लोगों की दिनचर्या की रफ्तार पर ब्रेक लगा दी है। राज्य में बारिश के कारण 1088 सड़कें बंद पड़ी हुई हैं। शिमला जोन में सबसे ज्यादा 459 मार्ग अवरुद्ध चल रहे है। इसके अलावा मंडी जोन में 344, कांगड़ा में 191 और हमीरपुर जोन में 91 सड़कें यातायात के लिए अवरुद्ध पड़ी हुई हैं। लोक निर्माण विभाग का दावा है कि बंद पड़े मार्गों में से 513 मार्ग जल्द बहाल कर दिए जाएंगे, जबकि 265 मार्ग मंगलवार तक और 310 मार्गाें के बुधवार तक बहाल होने का दावा किया जा रहा है। मणिमहेश में बर्फबारी होने का समाचार है, जिससे वहां हालात और खराब हो गए हैं। चंबा जिला में मंगलवार को भी स्कूलों में छुट्टी रहेगी। पांवटा साहिब में बाढ़ के चलते फंसे नौ लोगों का रेस्क्यू किया गया है। एचआरटीसी के हजार से ज्यादा रूट ठप पड़े हुए हैं। हिमाचल में बारिश से अब तक 664 करोड़ 60 लाख का नुकसान हो चुका है। लोक निर्माण विभाग को सबसे ज्यादा 386 करोड़ 40 लाख का नुकसान हुआ है। इसके अलावा आईपीएच विभाग को बारिश ने 278 करोड़ 20 लाख की चपत लगी है।

पैर फिसलने से कुनाह खड्ड में गिरा व्यक्ति, मौत

भोरंज/ भोटा - हमीरपुर जिला के उपमंडल भोरंज के तहत महल के चजरेड़ी (छेड़ी) गांव में एक ग्रामीण पैर फिसलने से उफनती कुनाह खड्ड में जा गिरा। पानी का बहाव तेज होने से उसे बचने का कोई मौका नहीं मिला और उसका शव बहता हुआ बुमाणा के पास पहुंच गया। यहां बजरी निकालने गए लोगों ने लाश देखी तथा इसकी सूचना पुलिस को दी। मृतक की पहचान सुनील कुमार (54) के रूप में हुई है।

जाम में फंसी एचआरटीसी बस में बच्ची की मौत

स्वारघाट - राष्ट्रीय उच्च मार्ग-205 चंडीगढ़-मनाली रविवार तड़के दो बजे से बंद होने के चलते स्वारघाट में जाम में फंसी एचआरटीसी बस में सोमवार सुबह एक अढ़ाई माह की बच्ची की मौत हो गई। बच्ची की पहचान केतकी पुत्री परमेरी निवासी यूपी के रूप में हुई है। बाद में स्थानीय लोगों की मदद से मृतिका को बल्लियां स्थान पर दफना दिया गया। बच्ची की मौत के कारणों का पता नहीं चल पाया है। जानकारी के अनुसार परमेरी अपनी पत्नी और चार बच्चों के साथ अपने गांव चंदौरा, यूपी से मेहनत-मजदूरी करने हिमाचल के मंडी जिला जा रहा था। भारी बारिश के चलते उसकी बस रविवार तड़के से स्वारघाट में फंसी हुई थी। इस दौरान सोमवार सुबह करीब दो बजे परमेरी की अढ़ाई माह की बेटी की मौत हो गईर्। स्थानीय निवासी तिलक राज, राममूर्ति धर्माणी, नरेंद्र चंदेल, राजेश कुमार, प्रदीप व एचआरटीसी स्टाफ  ने उक्त गरीब परिवार की सहायता की और बल्लियां स्थान पर बच्ची को दफना दिया गया। इन स्थानीय लोगो ने गरीब परिवार को 3500 रुपए की आर्थिक सहायता भी दी। यूपी के इस परिवार ने पुलिस को इस मामले की सूचना नहीं दी है और बच्ची को बल्लियां में दफनाने के बाद यह परिवार रोता-रोता वापस यूपी के लिए चला गया। उधर, स्वारघाट के थाना प्रभारी बलबीर सिंह ने बताया कि हमें इस बारे में कोई सूचना नहीं दी गईहै और न ही किसी तरह की सहायता परिजनों द्वारा मांगी गई है, जबकि पुलिस जवान पूरी रात स्वारघाट में गश्त पर थे।