Tuesday, November 19, 2019 02:59 AM

हिमाचल में बड़े निवेश की उम्मीदें जवां

ग्लोबल इन्वेस्टर्स मीट का आयोजन कर जयराम सरकार ने बनाया इतिहास, देश-विदेश में बनी पहचान

धर्मशाला - एक लाख करोड़ के निवेश की उम्मीदों के साथ जयराम सरकार ने इन्वेस्टर मीट के भव्य आयोजन का इतिहास रचा। हिमाचल सरकार ने कारपोरेट तर्ज पर पहली बार इस तरह के मेगा इवेंट का अनुभव हासिल किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हिमाचल में निवेश लाने के लिए खुद कमान संभालने से राज्य सरकार की और ज्यादा उम्मीदें बढ़ गई हैं। अपनी तरह के अनोखे इवेंट को अंजाम देकर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पदचिन्हों पर चलना शुरू कर दिया था। वर्ष 2003 में इसी तरह के इवेंट की मेजबानी गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने की थी। इस कारण नरेंद्र मोदी कारपोरेट हाउस के चहेते बन गए थे। महज दो साल के भीतर जयराम ठाकुर ने गुजरात का इतिहास दोहराया है। जगजाहिर है कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर प्रधानमंत्री के बेहद करीबी और चहेते हैं। यही कारण है कि दिसंबर, 2017 के शपथ समारोह और मुख्यमंत्री के एक साल के ईमानदार प्रयासों को प्रधानमंत्री ने जमकर भुनाया है। धर्मशाला के पुलिस मैदान में एक  साल के भीतर दूसरी बार पहुंचे प्रधानमंत्री ने दिसंबर 2018 की तरह मुख्यमंत्री की तारीफों के पुल बांधने में कोई कसर नहीं छोड़ी। इस कारण उन्होंने प्रदेश को साफ संदेश दिया है कि फिलहाल हिमाचल भाजपा में जयराम का दूर-दूर तक कोई विकल्प नहीं है। इन उपलब्धियों के कारण इन्वेस्टर मीट का दो दिवसीय सम्मेलन जयराम सरकार के लिए सबसे बड़ा मील पत्थर साबित होगा। इससे सरकार की संभावनाओं का आकार बढ़ेगा और मुख्यमंत्री के सियासी कद में बढ़ोतरी होगी। मुख्यमंत्री का कारपोरेट कनेक्शन जुड़ जाने के कारण उन्हें आगे चलकर इसका सियासी लाभ भी मिलेगा। बता दें कि हिमाचल में कारपोरेट रिश्तों को लेकर केंद्रीय राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर का नाम सुर्खियों में रहा है। इस महा सम्मेलन के बाद मुख्यमंत्री के औद्योगिक घरानों में  मजबूत रिश्तों की नींव पड़ गई है। जाहिर है कि इस मेगा इवेंट को सफल बनाने के लिए मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने एक साल तक खूब पसीना बहाया है। विदेशों में रोड शो से लेकर उन्होंने समीक्षा बैठकों में खुद मॉनिटरिंग की है। इस कारण हिमाचल इस शानदार मेजबानी को यादगार बना गया है।

अंतरराष्ट्रीय पटल पर दिखेगा प्रभाव

पहली बार मुख्यमंत्री बने जयराम ठाकुर की राष्ट्रीय स्तर पर पहचान नहीं बनी है, इस महा आयोजन के चलते जयराम ठाकुर देश-विदेश के उद्योगपतियों के करीब आ गए हैं। इस कारण सीएम का प्रभाव अब अंतरराष्ट्रीय पटल पर भी चमकेगा। इसके अलावा हिमाचल में निवेश की प्रबल संभावनाएं बढ़ गई हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जयराम सरकार की पीठ थपथपाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है।